11 सितंबर को कर्मचारियों के खाते में चली जायेगी राशि
जमशेदपुर. दुर्गापूजा के ठीक पहले टाटा स्टील प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच हुए वार्षिक बोनस समझौते ने कर्मचारियों के चेहरों पर बड़ी मुस्कान ला दी है. इस वर्ष कंपनी ने कुल 315 करोड़ रुपये की बोनस राशि वितरित करने पर सहमति जताई है, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 11.88 करोड़ रुपये अधिक है. इस बार के एग्रीमेंट में ओल्ड सीरीज के कर्मचारियों के लिए अधिकतम 4,52,512 रुपये तक की बोनस राशि तय की गई है, जबकि एनएस (NS) ग्रेड के कर्मचारियों के लिए न्यूनतम 39,016 रुपये और अधिकतम 1,28,448 रुपये तक का प्रावधान किया गया है.
प्रबंधन और यूनियन के बीच लंबी वार्ता के बाद बनी सहमती
टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक सह सीईओ टीवी नरेंद्रन और टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी ‘टुन्नु’ समेत अन्य शीर्ष पदाधिकारियों के बीच कई दौर की मैराथन बैठकों के बाद आखिरकार इस वित्तीय वर्ष के बोनस फॉर्मूले पर मुहर लग गई. बैठक के दौरान यूनियन नेतृत्व ने कर्मचारियों की मेहनत, कंपनी के उत्पादन लक्ष्यों और पिछले वर्षों के वित्तीय प्रदर्शन को आधार बनाते हुए एक सम्मानजनक और बेहतर बोनस पैकेज की जोरदार मांग रखी थी.
यूनियन का तर्क था कि वैश्विक चुनौतियों और मंदी के दौर के बावजूद कर्मचारियों ने कंपनी के मुनाफे और उत्पादन को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है, इसलिए उन्हें इसका पूरा लाभ मिलना चाहिए. प्रबंधन ने भी कर्मचारियों के योगदान को सराहते हुए अंततः 315 करोड़ रुपये के भारी-भरकम पैकेज पर अपनी सहमति दी.
पिछले साल के मुकाबले अधिक है इस बार का पैकेज
पिछले वित्तीय वर्ष (2025) में टाटा स्टील ने अपने कर्मचारियों के बीच बोनस के रूप में 303.12 करोड़ रुपये वितरित किए थे. इस बार इस आंकड़े में उल्लेखनीय बढ़ोतरी करते हुए इसे 315 करोड़ रुपये तक पहुंचाया गया है. पिछले वर्षों के एग्रीमेंट्स पर नजर डालें तो टाटा स्टील हमेशा से अपने कर्मचारियों के बीच पारदर्शी और फॉर्मूला-आधारित बोनस प्रणाली के लिए जानी जाती रही है, जहां कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी (लाभप्रदता) और उत्पादकता (प्रोडक्टिविटी) को मुख्य मानक बनाया जाता है. इस बार भी कंपनी के सकारात्मक वित्तीय परिणामों और यूनियन की मजबूत पैरवी के कारण बोनस का यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले ज्यादा रहा है, जिससे कर्मचारियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है.
जमशेदपुर समेत देश भर के 25,603 कर्मचारियों को मिलेगा सीधा लाभ
इस ऐतिहासिक बोनस समझौते का दायरा सिर्फ मुख्य जमशेदपुर प्लांट तक ही सीमित नहीं है, बल्कि टाटा स्टील की विभिन्न अनुषंगी इकाइयों और सब्सिडियरी कंपनियों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा. कुल 25,603 कर्मचारी इस बोनस के पात्र होंगे.
इकाइयों के अनुसार वितरण का विवरण इस प्रकार है:
- जमशेदपुर प्लांट: कुल 11,021 कर्मचारी इस लाभ के दायरे में आएंगे.
- अन्य इकाइयां: टिनप्लेट, तार कंपनी (Tata Steel Wire Division), टाटा स्टील कलिंगानगर, टिस्को ग्रोथ शॉप (TGS), साथ ही विभिन्न माइंस और कोलियरी (खान क्षेत्रों) से जुड़े कर्मचारी भी इस बोनस समझौते में शामिल हैं.
ग्रेड के अनुसार तय हुआ भुगतान का गणित
बोनस की राशि पूरी तरह से कर्मचारियों के वेतनमान, ग्रेड और कंपनी द्वारा निर्धारित परफॉर्मेंस मानकों पर आधारित होती है:
- ओल्ड सीरीज के कर्मचारी: इस श्रेणी के पात्र कर्मचारियों को इस बार बंपर लाभ मिला है, जिसमें अधिकतम 4,52,512 रुपये तक की राशि उनके खातों में भेजी जाएगी.
- एनएस (NS) ग्रेड के कर्मचारी: इस ग्रेड के तहत आने वाले कर्मियों के लिए न्यूनतम बोनस 39,016 रुपये और अधिकतम बोनस 1,28,448 रुपये निर्धारित किया गया है.
त्यौहार के उल्लास के साथ बाजारों में भी बढ़ेगी रौनक
दुर्गापूजा से ठीक पहले हुए इस बड़े वित्तीय ऐलान से जमशेदपुर के लौहनगरी क्षेत्र और अन्य प्लांट नगरियों में उत्सव का माहौल बन गया है. टाटा स्टील कर्मचारियों के हाथ में एकमुश्त बड़ी राशि आने से स्थानीय बाजारों, ऑटोमोबाइल सेक्टर, रियल एस्टेट और सर्राफा बाजारों में भी भारी रौनक लौटने की उम्मीद है. यूनियन नेतृत्व ने इस समझौते को कर्मचारियों की एकता और प्रबंधन के साथ सकारात्मक संवाद की जीत बताया है, वहीं प्रबंधन ने भी उम्मीद जताई है कि यह प्रोत्साहन राशि कर्मचारियों को भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगी.




