Ranchi. राजधानी रांची में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। मंगलवार को रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में जांच किए गए चार सैंपलों में से तीन मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई। इनमें दो छोटे बच्चे शामिल हैं, जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है और दोनों को वेंटिलेटर पर रखकर इलाज किया जा रहा है।
स्वाइन फ्लू इन्फ्लुएंजा वायरस से होने वाला श्वसन संक्रमण है, जो मुख्य रूप से नाक, गले और फेफड़ों को प्रभावित कर सकता है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या सांस के साथ निकलने वाली बूंदों के संपर्क में आने से संक्रमण फैल सकता है।
छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और अस्थमा, हृदय रोग या डायबिटीज जैसी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी प्राइवेट अस्पतालों और निजी जांच लैब को संक्रमित मरीजों की जानकारी साझा करने का निर्देश दिया है।
विभाग की ओर से मरीज के पते की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसके साथ ही मरीज का फोन नंबर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, ताकि उसकी ट्रैवल हिस्ट्री और संपर्कों का पता लगाया जा सके।
ये लक्षण दिखे तो हो जाएं सतर्क
स्वाइन फ्लू के सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, शरीर में दर्द, सिरदर्द और अत्यधिक थकान शामिल हैं। वहीं सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, लगातार तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी या होंठ और चेहरा नीला पड़ना गंभीर लक्षण माने जाते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घर, बाजार, कार्यस्थल और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सावधानी बरतने की अपील की है।




