- आदित्यपुर आकाशवाणी चौक पर पाइपलाइन और पानी के लिए महाधरना, बैकफुट पर प्रशासन
- अल्टीमेटम – 7 दिन में पाइपलाइन, 15 जुलाई तक पानी … वरना 19 से उग्र आंदोलन की तैयारी !
- पार्षदों के निशाने पर आये पीयूष सिन्हा, निकाली भड़ास, कहां उनके रहते पानी मिलना संभव नहीं
आदित्यपुर. “अब वादे नहीं, पानी चाहिए…” यह आवाज भारी आक्रोश के साथ शनिवार को आदित्यपुर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ आकाशवाणी चौक पर आयोजित महाधरना में गूंज उठी. आंदोलन में सहारा गार्डेन सिटी और आदित्य सिंडिकेट के लोग भी शामिल हुए. जनकल्याण मोर्चा और आदित्यपुर अधिवक्ता संघ के बैनर तले पानी को लेकर आयोजित इस महाधरना में सैकड़ों की संख्या में लोगों के जुटान और तीखे तेवर देख निगम प्रशासन और जुडको (JUIDCO) के अधिकारी बैकफुट पर नजर आये.
आंदोलन स्थल पर पहुंचे आदित्यपुर नगर निगम के प्रशासक और जुडको जीएम ने लोगों का आश्वस्त किया और लिखित डेडलाइन तय की. हालांकि आंदोलनकारियों ने यह स्पष्ट अल्टीमेट दे दिया है कि एक हफ्ते के भीतर पाइपलाइन नहीं बिछी और 15 जुलाई तक जलापूर्ति शुरू नहीं हुई, तो आगामी 19 जुलाई से उग्र आंदोलन का शंखनाद होगा.
दरअसल, सीतारामपुर वाटर ट्रीटमेंट 30 MLD से पेयजल आपूर्ति की मांग तथा सहारा गार्डन सिटी, आदित्या सिंडिकेट समेत दूसरे इलाकों में पाइप लाइन बिछाने की मांग को लेकर इस महाधरना का आयोजन किया गया था. इसमें बड़ी संख्या में सीनियर सिटिजन ने भी सहभागिता निभायी. इसमें तीन अहम मांगों पर विचार किया गया. जिसमें सहारा और सिंडिकेट में पाइप लाइन बिछाकर जलापूर्ति शामिल है. सहारा गार्डेन सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष शशांक गांगुली, आदित्या सिंडिकेट सोसाईटी के अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह ने नगर निगम प्रशासन को पूरी स्थिति समझायी कि किस तरह 100 मीटर पाइप लाइन नहीं बिछाये जाने से चार हजार से अधिक की आबादी पेजयल किल्लत से जूझ रही है.
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इसके बाद पदाधिकारियों ने आश्वस्त किया कि एक सप्ताह में सहारा और सिंडिकेट के पाइप लाइन बिछा दी जायेगी. आदित्यपुर 2 के पूरे क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति 15 जुलाई तक करने का आश्वासन भी दिया गया. पानी को लेकर आयोजित महाधरना में नगर निगम में मेयर और डिप्टी मेयर स्तर तक की राजनीति भी नजर आयी. पार्षदों ने नगर निगम के जिम्मेदारों को भी निशाना बनाया. पार्षद यहां तक कह गये कि जब तक पीयूष सिंहा है समस्याओं का अंत नहीं होगा, पानी नहीं मिलेगा.
जनकल्याण मोर्चा के अध्यक्ष ओम प्रकाश की अध्यक्षता में आयोजित महाधरना में बड़ी संख्या स्थानीय लोगों के अलावा महिलाओं ने भी सहभागिता निभायी. निगम की ओर से मिले आश्वासन के बाद धरना खत्म कर दिया गया.
2021 की योजना 2026 तक चालू नहीं हुई. धरना में लोगों की मौजूदगी यह बताती है कि परेशानी कितनी बड़ी है. जनता पानी के लिए परेशान हैं, नेता राजनीति और घोषणाओं में व्यस्त. जमीनी हकीकत जानने-समझने कही चिंता किसी को नहीं. अधिकारियों ने आश्वासन दिया है, अगर डेडलाइन फेल हुई तो इस बार बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे.
ओम प्रकाश, अध्यक्ष, जनकल्याण मोर्चा
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