- आदित्यपुर नगर निगम को अल्टीमेटम, प्यासी जनता का फूटेगा गुस्सा, 13 जून को आर-पार की जंग का ऐलान
- फाइलें पास, ट्रायल भी, फिर क्यों प्यासी है सिंडिकेट और सहारा गार्डेन की चार हजार की आबादी
- 13 जून यानी शनिवार को आकाशवाणी चौक पर नगर निगम के खिलाफ सुबह 10 बजे होगा महाजुटान
जमशेदपुर. करोड़ों रुपये की लागत, सालों का इंतजार, बड़े-बड़े प्रशासनिक दावे और महज 100 मीटर की अधूरी पाइपलाइन! आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सहारा गार्डन सिटी और सिंडिकेट सोसायटी की आधी आबादी इसी सरकारी सुस्ती और लापरवाही का दंश झेलने को मजबूर है. सिंडिकेट और सहारा गार्डन में रहने वाले करीब 4 हजार लोग हर गर्मियों में बूंद-बूंद पानी को मोहताज हो जाते है, जबकि इलाके में जलापूर्ति सुनिश्चित करने वाला सीतारामपुर डैम का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पूरी तरह बनकर तैयार है.
प्रशासन के इस रवैये से स्थानीय जनता का आक्रोश चरम पर है. सामाजिक आंदोलनों की गवाह रहे जन कल्याण मोर्चा ने इस मामले में आरपार की जंग का ऐलान करते हुए आदित्कयपुर नगर निगम को चेतावनी दे डाली है. इसमें कहा गया है कि 12 जून तक सीतारामपुर डैम के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं की गई तो 13 जून को आकाशवाणी चौक पर नगर निगम के खिलाफ धरना- प्रदर्शन होगा. कहा जा रहा है कि सुबह 10 बजे यहां महाजुटान होगा. मोर्चा को मिलने वाले जनसमर्थन से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यह आक्रोश आदित्यपुर को जाम की स्थिति तक पहुंचा सकता है.

यहां बताना होगा कि आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में वर्षों से प्रतीक्षित वृहत शहरी जलापूर्ति योजना का लाभ अब तक लोगों को नहीं मिल रहा है. मोर्चा के सदस्य एवं सहारा गार्डन सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष शशांक गांगुली ने मीडिया को बताया कि इस आंदोलन का सहारा गार्डन सिटी और सिंडिकेट सोसायटी के सैकड़ों लोग हिस्सा बनेंगे. उनका कहना है कि जलापूर्ति योजना के प्रथम चरण के तहत सीतारामपुर डैम स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से पानी आपूर्ति की तैयारी, ट्रायल के बाद भी नियमित आपूर्ति शुरू नहीं की गई है. इससे बड़ी आबादी को पानी नहीं मिल पा रहा है.
उन्होंने दावा किया कि जलापूर्ति योजना के शुरू होने के बाद भी मात्र 100 मीटर पाइपलाइन नहीं बिछाये जाने का खामियाजा सहारा गार्डेन सिटी और आदित्या सिंडिकेट सोसायटी के 4 हजार लोगों को भुगतना पड़ेगा. इस मामले में नगर निगम प्रशासन और सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त को बार-बार अवगत कराया गया लेकिन ठोस पहल नहीं की गयी.
सिंडिकेट सोसायटी के नवनियुक्त अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह के अलावा दूसरे लोगों ने जन कल्याण मोर्चा के समक्ष इसकी चिंता जतायी है. क्षेत्रवासियों का कहना है कि अगर 100 मीटर पाइप लाइन नहीं बिछी तो करोड़ों की लागत वाली यह जलापूर्ति योजना का लाभ अंतिम छोर तक के लेागों को दिलाने का लक्ष्य ही भटक जायेगा. इसका उद्देश्य ही लेकर बढ़ते जनाक्रोश के बीच अब लोगों की निगाहें 12 जून पर टिकी हैं. की आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो 13 जून यदि निर्धारित समय सीमा तक पानी को प्रस्तावित धरना नगर निगम के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है.
जन कल्याण मोर्चा के अल्टीमेटम के साथ ही अब गेंद नगर निगम और सरायकेला-खरसावां प्रशासन के पाले में है. यदि समय रहते 100 मीटर के रोड़ा साफ नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन स्थानीय प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है. अब देखने वाली बात यह होगी कि 12 जून की समय सीमा बीतने के बाद नगर निगम की नींद टूटती है या फिर 13 जून को आदित्यपुर की सड़कों पर जनता का आक्रोश क्या रूप लेता है.

