Close Menu
Ocean PostOcean Post
  • होम
  • झारखंड
    • शिक्षा
    • स्वास्थ्य
  • बिहार
  • रेलवे
  • राजनीति
  • कारोबार
  • देश/दुनिया
  • मीडिया
  • ओसियन स्पेशल
Facebook X (Twitter) Instagram Threads
Ocean PostOcean Post
  • होम
  • झारखंड
    • शिक्षा
    • स्वास्थ्य
  • बिहार
  • रेलवे
  • राजनीति
  • कारोबार
  • देश/दुनिया
  • मीडिया
  • ओसियन स्पेशल
Ocean PostOcean Post
  • होम
  • झारखंड
  • बिहार
  • रेलवे
  • राजनीति
  • कारोबार
  • देश/दुनिया
  • मीडिया
  • ओसियन स्पेशल
Home » आस्था पर अनुशासन का ‘अंकुश’, बाबा धाम में अर्पण से पहले छलकी भक्तों की पीड़ा, जल चढ़ाना भी हुआ मुहाल
ओसियन स्पेशल

आस्था पर अनुशासन का ‘अंकुश’, बाबा धाम में अर्पण से पहले छलकी भक्तों की पीड़ा, जल चढ़ाना भी हुआ मुहाल

SHOBHA SINGHBy SHOBHA SINGHJuly 29, 2026
Share Facebook Twitter WhatsApp Telegram Copy Link
वीडियो से फोटो
Share
Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

श्रावणी मेले और सावन मास की दस्तक के साथ ही बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर में आस्था का समुद्र उमड़ पड़ा है. आषाढ़ पूर्णिमा के पहले ही दिन से ‘बाबा धाम’ में कांवरियों और भक्तों का सैलाब अपने आराध्य भोलेनाथ का जलाभिषेक करने उमड़ रहा है.

चारों ओर “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष गूंज रहे हैं. लेकिन, आस्था और भक्ति के इस विहंगम दृश्य के बीच मंदिर प्रशासन के कड़े नियमों और व्यवस्थाओं के नाम पर चले ‘अनुशासन के डंडे’ ने भक्तों के भावुक मन को गहरी ठेस पहुंचाई है.

तड़पते भाव और बेबस जलार्पण

बाबा के दरबार में दूर-दूर से मीलों पैदल चलकर पहुंचे श्रद्धालुओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती जलार्पण की ही बन गई है. मंदिर परिसर से आ रही तस्वीरों और वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बैरिकेडिंग और धक्का-मुक्की के बीच भक्तों के लिए बाबा के शिवलिंग तो दूर जलापर्ण के लिए तैयार सिस्टम तक भी जल अर्पित करना मुहाल हो गया है.

अपनी बारी का घंटों इंतजार करने के बाद जब भक्त गर्भगृह के करीब पहुंचते हैं, तो सुरक्षाकर्मियों और व्यवस्था में लगे लोगों की जल्दबाजी के कारण उन्हें ठहरने तक का अवसर नहीं मिलता. भक्त अपने अश्रुपूरित नेत्रों से बाबा को एक नजर निहारना चाहते हैं, लेकिन धक्का-मुक्की के बीच वे अपने पात्र से जल जैसे-तैसे उढ़ेलकर आगे बढ़ने को मजबूर हैं. जिस जल को भक्त बड़े जतन और श्रद्धा से गंगाधामों से भरकर लाते हैं, वह शिव तक श्रद्धा से अर्पित होने के बजाय आपाधापी में बिखर रहा है.

https://oceanpost.in/wp-content/uploads/2026/07/BABADHAM-VIDIO.mp4

सावन की तैयारियों पर उठते सवाल

आगामी पूरे सावन मास को लेकर प्रशासन भले ही बड़े-बड़े दावे कर रहा हो, लेकिन पूर्णिमा के पहले ही दिन की यह अव्यवस्था और भक्तों की बेबसी उन दावों की पोल खोल रही है.

  • प्रबंधन या केवल दबाव? भीड़ नियंत्रण के नाम पर बनाया गया अनुशासन का ढांचा व्यवस्था बनाने से ज्यादा भक्तों की परेशानी का कारण बनता दिख रहा है.
  • भाव-भक्ति की अनदेखी: प्रशासन का पूरा ध्यान केवल भीड़ को जल्दी से बाहर निकालने पर है, जिससे शिव और भक्त के बीच का आत्मिक संबंध इस आपाधापी में पिस रहा है.

भक्तों का कहना है कि वे नियम और अनुशासन के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें कम से कम हर श्रद्धालु शांति और संतुष्टि के साथ जलार्पण कर सके. यदि सावन की शुरुआत में ही भक्तों को इस तरह की कठिनाइयों और ‘अनुशासन के डंडे’ का सामना करना पड़ रहा है, तो आने वाले मुख्य श्रावणी मेले में स्थिति और भी विकट हो सकती है. प्रशासन को समय रहते अपनी रणनीति में सुधार करना होगा ताकि आस्था का यह पावन पर्व श्रद्धालुओं के लिए प्रताड़ना नहीं, बल्कि अलौकिक अनुभव बन सके.

Deoghar News Jharkhand News ocean special जलाभिषेक देवघर बाबा धाम बाबा बैद्यनाथ मंदिर श्रावणी मेला
Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
Previous ArticleCKP DIV : गैल्वेनाइज्ड छोड़ लोहे के ‘कबाड़’ पर टंगे एसी उपकरण, हादसे का बना खतरा, लूट की खुली छूट!
Next Article “युवाओं के भविष्य पर सुझाव देने के बजाय केवल राजनीति हो रही”, एंटी पेपर लीक बिल पास, संसद में राहुल गांधी के बयान पर भड़के जितेंद्र सिंह
SHOBHA SINGH
  • Website

मास कम्युनिकेशन की पृष्ठभूमि, डिजिटल मीडिया में गहराई से रुचि रखने वाली शोभा सिंह हिंदी न्यूज राइटर और OCEANPOST.IN की सब-एडिटर हैं. देश-दुनिया की हलचलों, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय खबरों को शब्दों के सही चयन और बेहतरीन संपादन (Editing) के जरिए पाठकों तक आसान भाषा में पहुंचा रहीं हैं.

Related Posts

झारखंड

Hemant Soren: झारखंड और ऑस्ट्रेलिया ने कौशल, खनिज तथा पर्यटन क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की

September 17, 2026
झारखंड

‘आधी रात घर में घुसकर महिला के कपड़े उठाना रेप की कोशिश नहीं…,’ 26 साल पुराने मामले में झारखंड हाईकोर्ट का आया फैसला

September 9, 2026
झारखंड

जमशेदपुर: हुनर से संवरेगा भविष्य, 45 दिनों की जॉब ट्रेनिंग पूरी कर युवाओं ने भरी आत्मनिर्भरता की उड़ान

September 5, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

अभी-अभी

Tata Sons में बड़ा फैसला! निदेशक मंडल ने चंद्रशेखरन को तीसरी बार चेयरमैन नियुक्त किया, Tata trust के चेयरमैन Novel Tata ने किया विरोध

September 17, 2026

2.20 करोड़ के इनामी नक्सली असीम मंडल का सरेंडर, झारखंड पुलिस को सालों से थी तलाश

September 17, 2026

Jamshedpur Weather Alert: जमशेदपुर समेत झारखंड में अगले पांच दिनों तक मौसम में बदलाव की संभावना नहीं, जारी रहेगी बारिश

September 17, 2026

Supreme court का RBI को निर्देश: लोन के जरिये खरीदे गए वाहन जब्त करने के नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करें

September 17, 2026

ED Chief ने आईबीसी धोखाधड़ी, बैंकों से भारी ‘हेयरकट’ के मामलों पर सख्त कार्रवाई के दिये निर्देश

September 17, 2026
Advertisement
Ocean Post
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
  • About Us oceanpost
  • Advertise With Us
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Contact
© 2026 Ocean Post. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.