जमशेदपुर. लौहनगरी जमशेदपुर में कानून-व्यवस्था पूरी तरह वेंटिलेटर पर नजर आ रही है. बिष्टुपुर के पॉश इलाके में स्थित ‘डबल डाउन’ क्लब के बाहर सरेआम हुई चाकूबाजी में घायल हिमांशु सिंह की मौत ने पुलिसिया गश्त और दावों की कलई खोलकर रख दी है.
हिमांशु सिंह हत्याकांड के बाद जनता के भारी आक्रोश और सड़कों पर उतरे चक्के जाम के बाद, बैकफुट पर आए पुलिस प्रशासन ने आनन-फानन में बिष्टुपुर थाना प्रभारी को निलंबित तो कर दिया है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या सिर्फ एक अधिकारी पर गाज गिरा देने से शहर के पब-क्लबों के बाहर रेंगता हुआ अपराध और खाकी का खौफ खत्म हो जाएगा ?
चाकूबाजी में घायल युवक हिमांशु सिंह की मौत के बाद, पुलिस प्रशासन ने जवाबदेही तय करते हुए बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे को 24 घंटे बाद निलंबित कर दिया है. इसके साथ ही पुलिस निरीक्षक निरंजन कुमार को बिष्टुपुर थाना का नया थाना प्रभारी बनाया गया है. इस मामले में गश्ती दल के तीन पुलिसकर्मियों को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है.
घटना की पृष्ठभूमि और विवाद
यह मामला बीते शनिवार देर रात का है, जब बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित ‘डबल डाउन पब’ के बाहर दो गुटों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई. देखते ही देखते यह मामूली विवाद एक बेहद हिंसक झड़प में तब्दील हो गया. दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई और इस दौरान धारदार हथियारों व चाकुओं से हमला किया गया.
इस जानलेवा हमले में हिमांशु सिंह समेत एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था. घटना के तुरंत बाद लहूलुहान हालत में दोनों घायलों को इलाज के लिए टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) में भर्ती कराया गया. वारदात के बाद से ही हिमांशु सिंह की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई थी और वह लाइफ सपोर्ट पर था. डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद, सोमवार को इलाज के दौरान हिमांशु ने दम तोड़ दिया.
जन आक्रोश और स्थानीय लोगों का प्रदर्शन
जैसे ही हिमांशु सिंह की मौत की खबर अस्पताल से बाहर आई, स्थानीय निवासियों और पीड़ित पक्ष के समर्थकों में भारी आक्रोश फैल गया. उग्र लोगों ने सड़क पर उतरकर जाम लगा दिया, जिससे क्षेत्र में यातायात पूरी तरह ठप हो गया. प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि इस जघन्य हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों को बिना किसी देरी के तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए. स्थानीय लोगों का आरोप था कि क्षेत्र में पुलिस गश्त की कमी के कारण इस तरह की आपराधिक घटनाएं सरेआम पब और क्लबों के बाहर हो रही हैं.
प्रशासनिक कार्रवाई और पुलिस का आश्वासन
मामले की गंभीरता और बढ़ते जन आक्रोश को देखते हुए जमशेदपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई की. कर्तव्य में लापरवाही बरतने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने के आरोप में बिष्टुपुर थाना प्रभारी को सस्पेंड कर दिया गया. नए थाना प्रभारी निरंजन कुमार को तुरंत कार्यभार संभालकर स्थिति को नियंत्रण में लेने और अपराधियों की धरपकड़ तेज करने का निर्देश दिया गया है.
पुलिस प्रशासन का कहना है कि:
धाराओं में बदलाव: हिमांशु की मौत के बाद अब इस मामले की जांच को हत्या की संबंधित धाराओं (आईपीसी/बीएनएस) के तहत तब्दील कर दिया गया है.
आरोपियों की पहचान: वारदात में शामिल सभी आरोपियों की पहचान की जा चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें छापेमारी कर रही हैं.
सख्त कार्रवाई: पुलिस ने आक्रोशित जनता को आश्वस्त किया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही सभी सलाखों के पीछे होंगे.
इस कार्रवाई को जमशेदपुर पुलिस द्वारा जिले में कानून का राज स्थापित करने और गंभीर मामलों में पुलिस अधिकारियों की सीधे तौर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक बेहद कड़ा संदेश माना जा रहा है. अब शहरवासियों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्य आरोपियों को पुलिस कब तक सलाखों के पीछे पहुंचा पाती है.
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