नई दिल्ली. महंगाई की मार झेल रहे आम मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए एक और परेशान कर देने वाली खबर सामने आ रही है. देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियां एक बार फिर मोबाइल रिचार्ज दरों में बढ़ोतरी (टैरिफ हाइक) करने की राह पर हैं. इसकी शुरुआती आहट देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी Airtel द्वारा अपने चुनिंदा सस्ते और किफायती प्रीपेड प्लान्स को चुपचाप बंद करने के साथ ही मिल चुकी है.
सस्ते रिचार्ज प्लान्स पर चली कैंची
Airtel ने अपने एंट्री-लेवल प्रीपेड पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव करते हुए ₹299 वाला किफायती प्लान बंद कर दिया है. इसके साथ ही ₹319, ₹579, ₹619 और ₹649 जैसे लोकप्रिय रिचार्ज विकल्पों को भी हटा दिया गया है. ₹299 वाला प्लान खत्म होने के बाद अब उपभोक्ताओं के सामने सबसे नजदीकी विकल्प ₹349 का प्लान है. इसका सीधा मतलब यह है कि सिर्फ एक नॉर्मल रिचार्ज पर यूज़र्स को अब सीधे ₹50 अतिरिक्त चुकाने होंगे.
Jio और Vi भी बढ़ा सकते हैं कीमतें
फिलहाल Jio और Vodafone Idea (Vi) के पोर्टफोलियो में ₹299 वाले प्लान्स बने हुए हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि अन्य कंपनियां भी जल्द ही इसी राह पर चल सकती हैं.
- 5G इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च: 5G नेटवर्क के विस्तार और उसमें हुए बड़े निवेश पर बेहतर रिटर्न हासिल करने के लिए टेलीकॉम सेक्टर को टैरिफ बढ़ाने की जरूरत है.
- 10-15% टैरिफ हाइक की संभावना: ब्रोकरेज रिपोर्ट्स और वित्तीय विश्लेषकों (जैसे Morgan Stanley और IIFL Capital) का अनुमान है कि कंपनियों को अपना मुनाफा और ARPU (एवरेज रेवेन्यू पर यूजर) सुधारने के लिए 10 से 15 प्रतिशत तक की कुल टैरिफ वृद्धि करनी पड़ सकती है.
- 2026 के अंत तक अगला झटका: रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2026 के अंत तक देश में एक और बड़ा ऑल-ओवर टैरिफ हाइक देखने को मिल सकता है.
ARPU बढ़ाने का खेल और उपभोक्ताओं की मजबूरी
2019 के बाद से टेलीकॉम कंपनियां तीन बार कीमतें बढ़ा चुकी हैं. मौजूदा समय में प्रति ग्राहक कमाई (ARPU) के मामले में Airtel ₹264 के साथ सबसे आगे है, जबकि Jio का ARPU ₹215.6 और Vi का ₹177 है. एनालिस्ट्स का कहना है कि सस्ते प्लान्स हटाने मात्र से ही Airtel का प्रति यूज़र औसतन राजस्व ₹5 से ₹12 तक बढ़ जाएगा.
जहां एक ओर कंपनियां 5G का दायरा बढ़ाकर अपने मार्जिन मजबूत करने में लगी हैं, वहीं दूसरी ओर सेकेंडरी सिम रखने वाले और सीमित आय वर्ग वाले उपभोक्ताओं के लिए हर महीने मोबाइल चालू रखना अब दिन-ब-दिन महंगा और तनावपूर्ण होता जा रहा है.


