जमशेदपुर: टाटानगर रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के भारी दबाव को कम करने और ट्रेनों के परिचालन (पंक्चुअलिटी) को दुरुस्त करने के लिए चक्रधरपुर मंडल रेल प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. चक्रधरपुर रेल मंडल ने टाटानगर से चलने वाली 4 प्रमुख मेमू (लोकल) पैसेंजर ट्रेनों का टर्मिनल बदलकर आदित्यपुर रेलवे स्टेशन कर दिया है.
हालांकि रेल प्रशासन इसे फिलहाल एक प्रयोगात्मक (ट्रायल) व्यवस्था बता रहा है, लेकिन माना जा रहा है कि सकारात्मक नतीजों को देखते हुए इसे स्थायी रूप से लागू कर दिया जाएगा और इन ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह टाटानगर के बजाय आदित्यपुर से ही होगा.
परिचालन से जुड़े मुख्य बिंदु और व्यवस्था
ट्रेनों के टर्मिनल में बदलाव:
गुआ-टाटा मेमू (ट्रेन संख्या 68004 व 68020) और टाटा-गुआ मेमू (ट्रेन संख्या 68019) अब टाटानगर आने के बजाय आदित्यपुर स्टेशन तक ही चलेंगी और वहीं से वापस लौटेंगी.
इसके अलावा टाटा-चक्रधरपुर मेमू (ट्रेन संख्या 68009) भी अब टाटानगर स्टेशन के स्थान पर सीधे आदित्यपुर से अपनी यात्रा शुरू करेगी.
यार्ड डीकंजेशन और डिटेंशन में कमी: टाटानगर स्टेशन के यार्ड में ट्रेनों की संख्या अधिक होने के कारण मुख्य लाइनों पर जाम (कंजेशन) की स्थिति बन जाती थी. ट्रेनों को आउटर सिग्नल पर लंबे समय तक रोकना (डिटेंशन) पड़ता था. आदित्यपुर में टर्मिनल शिफ्ट होने से टाटानगर यार्ड पर दबाव कम होगा और ट्रेनों को आउटर पर बेवजह खड़े रहने से मुक्ति मिलेगी.
समयबद्धता और ट्रैक क्षमता में सुधार: इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा ट्रेनों के समय पालन में होगा. टाटानगर स्टेशन के मुख्य प्लेटफॉर्म और ट्रैक खाली रहने से अन्य एक्सप्रेस व लंबी दूरी की ट्रेनों का परिचालन निर्बाध और समय पर हो सकेगा.
प्रयोगात्मक दौर के सकारात्मक नतीजे: रेलवे द्वारा 27 जुलाई से 10 अगस्त तक किए गए शुरुआती प्रयोग के बेहद सुखद परिणाम मिले हैं. ट्रेनों की लेटलतीफी में भारी गिरावट दर्ज की गई है और यात्रियों की शिकायतों में भी कमी आई है. इसी सफलता को देखते हुए इस व्यवस्था को फिलहाल आगे बढ़ाया गया है.
रेल प्रशासन का मानना है कि इस परिचालन व्यवस्था से जहां एक तरफ टाटानगर स्टेशन का ट्रैफिक मैनेजमेंट बेहतर होगा, वहीं दूसरी तरफ आदित्यपुर स्टेशन का भी तेजी से विकास होगा और यात्रियों को अधिक सुगम यात्रा अनुभव मिलेगा.


