Ranchi. कांग्रेस की झारखंड इकाई सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर यहां मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय का घेराव करेगी और सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेगी. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने रविवार को निर्वाचन आयोग पर भाजपा के एजेंट के तौर पर काम करने और बिहार एवं पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में उसकी जीत पक्की करने के लिए “अनुचित” लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया. कमलेश ने यहां पार्टी प्रदेश मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, कांग्रेस कार्यकर्ता लोकतंत्र और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन करेंगे और रांची में सीईओ के दफ्तर का घेराव करेंगे.
पार्टी कार्यकर्ता सीईसी के इस्तीफे की भी मांग करेंगे. झारखंड कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन करने का फैसला ‘इंडियन एक्सप्रेस’ मे प्रकाशित उस खबर के बाद लिया गया है, जिसमें कहा गया है कि चुनाव आयुक्त -सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी- ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार उन फैसलों और आदेशों पर आधिकारिक तौर पर आपत्ति जताई थी, जो उनकी जानकारी के बिना जारी किए गए थे, जबकि एसआईआर को पूरे देश में लागू करने का काम पूरे आयोग की देखरेख में हो रहा था.
रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी आपत्तियां वैधानिक मतदाता पंजीकरण फॉर्म-6 में किए गए बदलाव, मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया, और मतदाता सूची डेटाबेस पर केंद्रीयकृत कंट्रोल से जुड़ी थीं. कमलेश ने आरोप लगाया, निर्वाचन आयोग भाजपा के एजेंट के तौर पर काम कर रहा है और चुनावों में जीत दिलाने के लिए पार्टी को अनुचित फायदे पहुंचा रहा है. उसने एसआईआर का गलत इस्तेमाल किया, जिसकी वजह से भाजपा बिहार और पश्चिम बंगाल में चुनाव जीत गई.


