- ऑपरेशन चक्र-VI के तहत एजेंसी ने पश्चिम बंगाल समेत देश के 10 राज्यों में 22 ठिकानों पर एक साथ तलाशी
NEW DELHI/KOLKATA
साइबर अपराधियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. ताजा मामला ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर नागरिकों को डराने और उनकी गाढ़ी कमाई लूटने का सामने आया है. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने ‘ऑपरेशन चक्र-VI’ के तहत एक बड़ी और सुनियोजित कार्रवाई को अंजाम दिया है. पश्चिम बंगाल समेत देश के 10 राज्यों में कुल 22 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर सीबीआई ने इस बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है और दो मुख्य आरोपियों को धर दबोचा है.
तीन महीने तक बंधक बना कर रखा गया पीड़ित को
जांच एजेंसी के मुताबिक, यह पूरा मामला गुजरात से जुड़ा हुआ है. साइबर ठगों ने एक पीड़ित को करीब तीन महीने तक अपने वर्चुअल शिकंजे में रखा, जिसे ‘डिजिटल अरेस्ट’ कहा जाता है. अपराधियों ने खुद को पुलिस अधिकारी और भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) का उच्च पदस्थ अधिकारी बताया. पीड़ित को कानूनी कार्रवाई का खौफ दिखाकर इस तरह मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया कि उसने गिरोह द्वारा बताए गए विभिन्न बैंक खातों में कुल 11.42 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए.
टेक्निकल सर्विलांस और फॉरेंसिक जांच से खुले राज
वित्तीय और तकनीकी साक्ष्यों की लंबी और बारीकी से की गई पड़ताल के बाद सीबीआई ने इस देशव्यापी ऑपरेशन की रूपरेखा तैयार की. छापेमारी के दौरान एजेंसी ने भारी मात्रा में बैंकिंग दस्तावेज, बैंक खातों के रिकॉर्ड, और कई संदिग्ध डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं. पकड़े गए आरोपियों की पहचान हिमांशु प्रसाद और यूनिस विश्वास के रूप में हुई है.
जांच में यह बात सामने आई है कि इन लोगों ने ठगी की इस विशाल राशि को छिपाने और ठिकाने लगाने के लिए ‘मेसर्स हेक्साक्वेस्ट ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड’ के बैंक खाते का दुरुपयोग किया था. पीड़ित के कुल पैसों में से लगभग 2.5 करोड़ रुपये इसी कंपनी के खाते में ट्रांसफर किए गए थे, जिसे बाद में अन्य सहयोगियों के खातों में खपा दिया गया ताकि असली अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हो सके.
देश भर में जारी है सीबीआई का शिकंजा
सीबीआई के हाथ लगे डिजिटल उपकरणों में कई आपत्तिजनक चैट, संदेश और एपीके (APK) फाइलें मिली हैं, जिनका उपयोग साइबर फ्रॉड की रकम निकालने के लिए किया जाता था. एजेंसी अब इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि इस अंतरराष्ट्रीय और अंतर-राज्यीय नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं.
केंद्रीय एजेंसी के आंकड़े बताते हैं कि पिछले 30 दिनों के भीतर डिजिटल अरेस्ट से जुड़े मामलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए देश भर में कुल 142 ठिकानों पर व्यापक छापे मारे गए हैं. इस विशेष अभियान के तहत अब तक कुल 17 अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. सीबीआई की इस कड़ी कार्रवाई से साइबर अपराधियों के बीच हड़कंप मच गया है, जो आम नागरिकों को तकनीक का गलत इस्तेमाल करके अपना शिकार बनाते हैं.



