राजस्थान हाईकोर्ट में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश (चीफ जस्टिस) संजीव प्रकाश शर्मा को लेकर उपजे हाई-वोल्टेज विवाद और वकीलों के कड़े विरोध के बीच सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने एक बड़ा कदम उठाया है. कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जज जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का नया चीफ जस्टिस नियुक्त करने की सिफारिश की है. इस बीच, विवादों के घेरे में आए जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा 1 सितंबर से 5 सितंबर तक छुट्टी पर चले गए हैं और उन्होंने न्यायिक कार्यों से खुद को अलग कर लिया है.
जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा पर क्या हैं आरोप?
यह पूरा विवाद सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस संदीप मेहता द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत को लिखे गए पत्रों के बाद सामने आया. जस्टिस मेहता ने 2, 10 और 17 अगस्त को भेजे गए पत्रों में जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा पर अपने पद और शक्तियों के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया था. पत्र में उल्लेख किया गया था कि उन्हें कई ऐसी शिकायतें मिली हैं, जिससे कार्यवाहक चीफ जस्टिस की कार्यप्रणाली और ईमानदारी पर सवाल खड़े होते हैं.
जस्टिस मेहता ने मांग की थी कि जस्टिस शर्मा का तत्काल किसी अन्य हाईकोर्ट में ट्रांसफर किया जाए और राजस्थान में नए चीफ जस्टिस की नियुक्ति की जाए. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बैठक में इन आरोपों पर विस्तार से चर्चा हुई. हालांकि, चूंकि जस्टिस शर्मा इसी महीने 26 सितंबर को सेवानिवृत्त (रिटायर) होने वाले हैं, इसलिए कॉलेजियम बेहद सावधानी से इस मामले पर आगे बढ़ रहा है.
वकीलों का तीखा विरोध और कार्यवाहक चीफ जस्टिस का अवकाश
इन गंभीर आरोपों के सामने आने के बाद राजस्थान में वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा. जयपुर में वकीलों ने कार्यवाहक चीफ जस्टिस की अदालत के बाहर बैठकर प्रदर्शन और नारेबाजी की. वहीं, जोधपुर में दोनों प्रमुख वकील संगठनों ने हड़ताल का ऐलान करते हुए मांग की कि जस्टिस शर्मा को तुरंत सभी न्यायिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियों से मुक्त किया जाए.
वकीलों के भारी विरोध के बीच जारी अपडेटेड रोस्टर के अनुसार, जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा 1 सितंबर से 5 सितंबर तक किसी भी बेंच में नहीं बैठेंगे और उनकी बेंच के सभी मामलों को अन्य बेंचों को ट्रांसफर कर दिया गया है.
CJI सूर्यकांत का बयान और अन्य सिफारिशें
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट किया था कि किसी भी मौजूदा जज के खिलाफ लगाए गए आरोपों को सीधे तौर पर ‘निष्कर्ष’ नहीं माना जा सकता है. स्थापित संस्थागत प्रक्रियाओं के तहत संबंधित जज को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाना आवश्यक है.
इसके साथ ही, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने देश के अन्य उच्च न्यायालयों के लिए भी कुछ अहम सिफारिशें की हैं. कॉलेजियम ने राजस्थान हाईकोर्ट के दूसरे सबसे वरिष्ठ जज, जस्टिस पुष्पेंद्र भाटी को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश की है. इसके अतिरिक्त, गुजरात हाईकोर्ट के जज अल्पेश यशवंत कोगजे को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त करने की संस्तुति की गई है. इन नए प्रस्तावों के बाद अब देश भर में चीफ जस्टिस की नियुक्ति से जुड़ी कुल सात सिफारिशें केंद्र सरकार के पास लंबित हो गई हैं.




