नई दिल्ली. रेलवे बोर्ड ने भारतीय रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके पेंशनर संघों की शिकायतों एवं चिंताओं के समयबद्ध और प्रभावी निपटारे के लिए एक महत्वपूर्ण आदेश (पत्र संख्या: 2026/E(W)/22/01/2, दिनांक: 14.08.2026) जारी किया है. बोर्ड द्वारा सभी भारतीय रेलों के महाप्रबंधकों (कार्मिक) और उत्पादन इकाइयों को जारी इस निर्देश में यह स्पष्ट किया गया है कि पेंशनर संघों के प्रतिनिधियों को रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नियमित आधार पर चर्चा करने और अपनी समस्याओं को रखने की पूरी सुविधा प्रदान की जाए.
मुद्दे की पृष्ठभूमि: रेलवे बोर्ड का यह निर्णय 10 मार्च 2026 को आयोजित ‘पेंशनर्स एसोसिएशन की स्थायी समिति’ (SCOVA) की 35वीं बैठक में उठाए गए मुद्दों के बाद आया है. इस बैठक में ‘मंडल रेल प्रबंधकों (DRMs) और महाप्रबंधकों (GMs) के साथ पेंशनर संघों की अनौपचारिक बैठकों’ का आयोजन न होने या उसमें देरी होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था.
वर्ष 2019 के मास्टर सर्कुलर का पालन: रेलवे बोर्ड की उप निदेशक/स्थापना (कल्याण) रश्मि दहिया द्वारा जारी इस आदेश में 20 अगस्त 2019 के पिछले पत्र (No. E(W)/2019/PA-1/2) के पैरा 3.11 का हवाला दिया गया है. इसके अनुसार, पेंशनर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि आवश्यकतानुसार रेलवे के संबंधित अधिकारियों से मिलकर पेंशन संबंधी विषयों पर बातचीत कर सकते हैं.
हर स्तर पर नोडल अधिकारियों की तैनाती: पेंशनरों की शिकायतों और व्यक्तिगत आवेदनों के त्वरित निष्पादन के लिए मास्टर सर्कुलर के पैरा 3.13 के तहत नोडल अधिकारी नामित करने के प्रावधान को पुनः दोहराया गया है:
क्षेत्रीय रेलवे मुख्यालय (Zonal Railways HQ): CPO (IR) मुख्य नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे.
मंडल स्तर (Divisions): वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी (Sr. DPO) या मंडल कार्मिक अधिकारी (DPO) नोडल अधिकारी होंगे.
उत्पादन इकाइयां (Production Units): उप मुख्य कार्मिक अधिकारी (Dy. CPO) को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
ये नोडल अधिकारी पेंशनरों और उनके संघों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर अन्य विभागों के साथ तालमेल बैठाएंगे और उनके ज्ञापनों (representations) का समय पर जवाब सुनिश्चित करेंगे. रेलवे प्रशासन का यह कदम देशभर के लाखों पूर्व रेलवे कर्मचारियों के लिए राहत भरा माना जा रहा है.



