रांची. झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. पूरे राज्य में एक विशेष ‘मंईयां सम्मान दिवस’ घोषित कर एक साथ सभी महिलाओं के खाते में राशि भेजने की योजना को फिलहाल टाल दिया गया है. अब महिलाओं को पहले की तरह ही अलग-अलग जिलों के हिसाब से चरणबद्ध (District-wise) तरीके से ही सम्मान राशि का भुगतान किया जाएगा.
योजना में कोई बदलाव नहीं, मिलती रहेगी नियमित राशि
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना के स्वरूप या नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. राज्य की लगभग 51 लाख पात्र महिलाओं (18 से 50 वर्ष आयु वर्ग) को मिलने वाली ₹2,500 प्रतिमाह की आर्थिक सहायता पूर्ववत मिलती रहेगी. सरकार का प्रयास है कि लाभार्थियों को बिना किसी बाधा के नियमित रूप से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से पैसे मिलते रहें.
एक साथ भुगतान टलने की मुख्य वजह: वित्तीय चुनौती
राज्य सरकार के सामने आए वित्तीय संकट के कारण एक साथ भुगतान की व्यवस्था रोकनी पड़ी है. संसद द्वारा पारित केंद्र सरकार के नए ‘खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026’ (MMDR Amendment Bill, 2026) के बाद राज्य के राजस्व पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.
खनिज सेस का असर: झारखंड सरकार ‘झारखंड मिनरल बेयरिंग लैंड सेस एक्ट, 2024’ के तहत खनिज-युक्त भूमि पर सेस लगाकर सालाना 11,000 से 14,000 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का अनुमान लगा रही थी. इस राशि का बड़ा हिस्सा मंईयां सम्मान योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं में इस्तेमाल होना था.
राजस्व में संभावित नुकसान: नए कानून के तहत राज्यों द्वारा खनिज भूमि पर अतिरिक्त कर या सेस लगाने पर रोक लग सकती है, जिससे झारखंड को हर साल 13,000 से 15,000 करोड़ रुपये तक के राजस्व का नुकसान होने की संभावना है.
राज्य सरकार का रुख और आगे का कदम
राज्य के वित्त मंत्री और मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के गैर-कर राजस्व और वित्तीय स्वायत्तता पर बड़ा झटका बताया है. राज्य सरकार इस कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रही है.
दूसरी ओर, केंद्र सरकार का कहना है कि खनन राजस्व का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा राज्यों को ही मिलेगा और इस संशोधन का उद्देश्य खनन क्षेत्र में पारदर्शिता लाना है. बहरहाल, राज्य सरकार ने बजट में इस योजना के लिए ₹14,065 करोड़ का प्रावधान रखा है ताकि महिलाओं का भुगतान प्रभावित न हो.




