लखनऊ. उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राम मंदिर दान चोरी के मामले में राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का पुरजोर बचाव करते हुए उन्हें स्पष्ट रूप से क्लीन चिट दे दी है. प्रयागराज में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दो टूक अंदाज में कहा कि वे पहले ही यह बात स्पष्ट कर रहे हैं कि चंपत राय पूरी तरह से बेदाग थे, बेदाग हैं और आगे भी बेदाग ही रहेंगे.
डिप्टी सीएम मौर्य ने मीडिया ट्रायल और बिना पूरी जांच के किसी निष्कर्ष पर पहुंचने की प्रवृत्ति पर कड़ा सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि इस मामले में जो लोग भी गड़बड़ी या चोरी करने में शामिल थे, उन्हें पहले ही पकड़ा जा चुका है और वे कानून के शिकंजे में जेल की सलाखों के पीछे हैं. इसके अलावा, पूरे प्रकरण की जांच अभी एसआईटी द्वारा की जा रही है, इसलिए किसी भी प्रकार के पूर्वाग्रह या अफवाहों के आधार पर किसी के भी चरित्र और निष्ठा पर सवाल खड़े करना पूरी तरह अनुचित है.
उन्होंने आगे जोर देकर कहा कि जिस व्यक्ति ने अपना पूरा जीवन और सर्वस्व रामलला की सेवा के प्रति समर्पित कर दिया हो, वह राम मंदिर के चढ़ावे या दान में से एक पैसे की भी हेराफेरी करने के बारे में कभी सोच भी नहीं सकता है.
इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों, विशेषकर समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व पर भी तीखे प्रहार किए. उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि जिन लोगों के हाथ रामभक्तों के खून से रंगे रहे हैं, उन्हें इस तरह के मामलों पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष के पास इस समय कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे केवल राजनीतिक लाभ के लिए जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं. अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश की जनता विपक्ष के इन दुष्प्रचारों को अच्छी तरह समझती है और आगामी चुनावों में इसका करारा जवाब देगी.



