नई दिल्ली. भारतीय रेलवे ने इंजीनियर के विभिन्न पदों के लिए बंपर बहाली निकाली है. रेलवे की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार सिगनल टेक्निशियन के विभिन्न पदों पर 6565 लोगों की भर्ती किी जायेगी. इसमें टेक्निशियन ग्रेड 111 और ग्रेड-1 के पद शामिल है. रेलवे में नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं और वर्षों से हक की लड़ाई लड़ रहे रेल कर्मचारियों के लिए यह बड़ी खुशखबरी मानी जा रही है. रेलवे ने सिगनल टेक्निशियन ग्रेड 1 के 323 और टेक्निशियन 3 के 6242 रिक्त पदों पर भर्ती की अधिसूचना जारी की है.
इसके साथ ही विभागीय स्तर पर 9 सालों से बंद SSE (सीनियर सेक्शन इंजीनियर) की सीधी बहाली भी शुरू करने को हरी झंडी दे दी गयी है. इस ऐतिहासिक फैसले से वर्षों से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे रेल कर्मचारियों और नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं में भारी उत्साह है.
इसे भारतीय रेलवे के इतिहास में साल 2017 से इंजीनियरों के ‘वनवास’ को खत्म करने के दिशा में उठाया गया कदम माना जा हरा. इंडियन रेलवे सिगनल एवं टेलीकॉम मैंटेनर्स युनियन (IRSTMU) के बैनर तले 24 जून को आयोजित ‘मांग दिवस’ को कर्मचारियों का भारी समर्थन मिला. इस बीच रेलवे बोर्ड ने टेक्निशियन 111 और ग्रेड-1 के 6500 से ज्यादा रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का एलान किया है, जिसके लिए आवेदन 30 जून से शुरू हो रहा. इसके साथ ही, लंबे समय से लंबित SSE की सीधी बहाली पर भी बड़ा फैसला आ गया है.
रेलवे बोर्ड ने न सिर्फ सिगनल टेक्निशियन के 6565 पदों पर बंपर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा कर दी है, बल्कि पिछले 9 सालों से बंद पड़ी SSE (सीनियर सेक्शन इंजीनियर) की सीधी बहाली को भी दोबारा शुरू करने की हरी झंडी दे दी है. इस ऐतिहासिक फैसले से वर्षों से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे रेल कर्मचारियों और नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं में भारी उत्साह है.
बताया जाता है कि SSE (सीनियर सेक्शन इंजीनियर) के पद पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया को साल 2017 में इंजीनियर्स एसोसिएशन द्वारा बेहतर पदोन्नति चैनल और कोटा बढ़ाने की मांग से नाराज होकर तत्कालीन रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विन लोहानी ने बंद कर दिया था. इस कालखंड को रेलवे के इतिहास में इंजीनियरों के बड़े वनवास के रूप में देखा जाता है.


