रांची. झारखंड में सरकारी नौकरी की भर्ती परीक्षाओं में धांधली और अनियमितता के खिलाफ चल रहा 24 दिनों का छात्र आंदोलन सोमवार की रात (17 अगस्त) को अपने मुकाम पर पहुंचा. भारी जनदबाव और अनशन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा फैसला लेते हुए जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को रद्द करने के साथ-साथ परीक्षा एजेंसी टीडीपीएल (TDPL) द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं व उनके परिणामों को निरस्त करने की घोषणा की. इसके साथ ही देवेंद्र नाथ महतो ने भी अनशन खत्म कर दिया है. सरकार के मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और डॉ. इरफान अंसारी ने जूस पिलाकर समाप्त कराया.
आंदोलन की क्रमवार दैनिक गतिविधियां और सरकार की वार्ता का विवरण
29 जुलाई (आंदोलन की शुरुआत): जेपीएससी-जेएसएससी रिफार्म मंच और छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में सैकड़ों अभ्यर्थी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे.
- 1 अगस्त (सत्याग्रह का एलान): आंदोलन को ‘गैर-राजनीतिक सत्याग्रह’ में तब्दील किया गया और राज्यभर से हजारों छात्र जुड़ते चले गए.
- 2 – 4 अगस्त (भूख हड़ताल और मौसम की मार): 2 अगस्त से देवेंद्र नाथ महतो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे. 3 और 4 अगस्त की मूसलाधार बारिश के बावजूद अभ्यर्थी तिरपाल के सहारे मैदान में डटे रहे.
- 7 – 9 अगस्त (वार्ता का पहला चरण और प्रशासनिक हलचल): 7 अगस्त को सरकार के प्रतिनिधियों ने छात्रों से बातचीत शुरू की. 9 अगस्त को दबाव में आकर जेपीएससी के तीन सदस्यों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया, जिसे राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया. सरकार ने सीआईडी और ईडी जांच की पेशकश की.
- 10 अगस्त (विधानसभा घेराव और लाठीचार्ज): हजारों छात्रों ने विधानसभा घेराव के लिए कूच किया. पुलिस से टकराव हुआ, जिसमें लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस का प्रयोग किया गया. कई छात्र घायल हुए.
- 11 अगस्त (झारखंड बंद): लाठीचार्ज के विरोध में राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया गया, जिससे सरकारी व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ गई.
- 12 – 15 अगस्त (अस्पताल में अनशन): देवेंद्र महतो की तबीयत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्होंने 15वें दिन भी अस्पताल से अनशन जारी रखा.
- 16 अगस्त (अंतिम चेतावनी): छात्रों ने अल्बर्ट एक्का चौक पर मंत्रियों व अफसरों के पुतले फूंके और 18 अगस्त तक मांगें न मानने पर 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव का अल्टीमेटम दिया.
- 17 अगस्त (निर्णायक फैसला): 7वें दौर की वार्ता के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने देर रात कैबिनेट सहयोगियों के साथ मैराथन बैठक की और विवादित परीक्षाओं को रद्द करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया.
सरकार पर कैसे बढ़ा चौतरफा दबाव?
अनशनकारियों का गिरता स्वास्थ्य: छात्र नेता देवेंद्र महतो का 15 दिनों तक लगातार अनशन पर रहना और उनका गिरता स्वास्थ्य सरकार के लिए सबसे बड़ी मानवीय व प्रशासनिक चुनौती बन गया.
- सड़क से जनसमर्थन का विस्तार: विधानसभा घेराव पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के बाद जनता की सहानुभूति पूरी तरह छात्रों के पक्ष में आ गई, जिससे आंदोलन रांची के स्टेडियम से निकलकर पूरे राज्य का जनांदोलन बन गया.
- प्रशासनिक असफलता: जेपीएससी के सदस्यों के इस्तीफे ने यह साबित कर दिया कि परीक्षा प्रणाली और आयोग में भारी खामियां थीं, जिससे सरकार अपना बचाव नहीं कर सकी.
राजनीतिक कहानी और शह-मात का खेल
इस आंदोलन ने झारखंड के राजनीतिक समीकरणों को बुरी तरह प्रभावित किया. शुरुआत में छात्रों ने इसे पूरी तरह गैर-राजनीतिक रखा, लेकिन 10 अगस्त के लाठीचार्ज के बाद विपक्षी दल (विशेषकर भाजपा) ने 11 अगस्त के ‘झारखंड बंद’ को खुला समर्थन देकर सरकार की घेराबंदी की.
आगामी चुनावों और युवाओं की नाराजगी के राजनीतिक नुकसान को देखते हुए सत्तारूढ़ गठबंधन (JMM-कांग्रेस) बैकफुट पर आ गया. यदि सरकार कठोर रुख अपनाती, तो युवा वोट बैंक पूरी तरह खिसक जाता. इसलिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद सामने आकर फैसला सुनाया ताकि राजनीतिक क्षति को रोका जा सके.
सीबीआई (CBI) जांच की मांग का क्या हुआ?
आंदोलनकारी छात्रों की मुख्य मांगों में से एक पूरे मामले की स्वतंत्र सीबीआई (CBI) जांच कराना भी थी.
- सरकार का रुख: सरकार ने परीक्षा रद्द करने, टीडीपीएल की सभी परीक्षाओं को निरस्त करने और भविष्य के लिए पारदर्शी SOP बनाने की बात तो मान ली, लेकिन आधिकारिक तौर पर सीबीआई जांच की घोषणा से परहेज किया. सरकार ने सीआईडी (CID) और ईडी (ED) जैसी एजेंसियों से ही जांच आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया.
- छात्रों की स्थिति: सरकार द्वारा परीक्षाएं रद्द करने के फैसले के बाद छात्र नेता देवेंद्र महतो ने अनशन समाप्त कर दिया, परंतु छात्रों का एक धड़ा अभी भी इस बात पर अड़ा है कि जब तक पूरे सिंडिकेट और लीक में शामिल मुख्य साजिशकर्ताओं को बेनकाब करने के लिए सीबीआई जांच का औपचारिक आदेश नहीं आता, तब तक वे पूरी तरह संतुष्ट नहीं होंगे.


