नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर से दिसंबर 2026) के लिए सार्वजनिक भविष्य निधि (PPF) और राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) सहित तमाम लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों में किसी भी प्रकार के बदलाव न करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है.
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाली इस तिमाही के लिए ब्याज दरों को पिछली तिमाही (जुलाई-सितंबर) के स्तर पर ही बरकरार रखा गया है. यह लगातार 10वां मौका है जब सरकार ने इन लोकप्रिय योजनाओं की ब्याज दरों में कोई फेरबदल नहीं किया है. इन छोटी बचत योजनाओं में आखिरी बार संशोधन वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही में किया गया था.
प्रमुख लघु बचत योजनाओं पर वर्तमान ब्याज दरें:
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY): बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित करने वाली इस लोकप्रिय योजना में निवेशकों को 8.2% की आकर्षक दर से ब्याज मिलता रहेगा.
- सार्वजनिक भविष्य निधि (PPF): लंबे समय की बचत और कर छूट के लिए मशहूर पीपीएफ योजना पर ब्याज दर 7.1% पर पूरी तरह स्थिर बनी हुई है.
- राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC): इस निवेश विकल्प के तहत निवेशकों को 7.7% की दर से ब्याज का लाभ मिलता रहेगा.
- किसान विकास पत्र (KVP): केवीपी पर ब्याज दर 7.5% तय की गई है. इसके नियमों के अनुसार, इसमें किया गया निवेश कुल 115 महीनों में परिपक्व (मेच्योर) होगा.
- सावधि जमा (3-Year Time Deposit): तीन साल की इस फिक्स्ड डिपॉजिट योजना पर निवेशकों को 7.1% ब्याज मिलता रहेगा.
- मासिक आय योजना (MIS): डाकघर की इस मासिक आय योजना के निवेशकों को इस तिमाही भी 7.4% की दर से ब्याज प्रदान किया जाएगा.
- डाकघर बचत जमा खाता: साधारण बचत खातों पर मिलने वाली ब्याज दर 4.0% पर पूर्ववत बरकरार है.
निवेशकों पर क्या पड़ेगा असर
सरकार के इस कदम से उन मध्यम वर्ग और छोटे निवेशकों को राहत मिली है जो बिना किसी बाजार जोखिम के सुरक्षित रिटर्न चाहते हैं. हालांकि, ब्याज दरों में लंबे समय से कोई बढ़ोतरी न होने के कारण महंगाई के मुकाबले रिटर्न को लेकर निवेशकों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं, लेकिन स्थिरता और सुरक्षा के लिहाज से इन योजनाओं का आकर्षण अब भी बरकरार है.


