भारत और अमेरिका विश्व के दो बड़े प्रतिनिधि लोकतांत्रिक देश हैं. अमेरिका में, 1789 में अमेरिकी संविधान के मसौदे के साथ लोकतंत्र पूरी तरह से विकसित हुआ, जबकि भारत में लोकतंत्र आंशिक रूप से ब्रिटिश शासन का परिणाम है, जिसके बाद स्वतंत्रता के बाद नए, आधुनिक और जीवंत संविधान को लागू किया गया.
वॉशिंगटन/नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में सख्त चुनावी नियम लागू करने की अपनी मांग को दोहराते हुए भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी) प्रणाली की जमकर तारीफ की है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ हुई हालिया चर्चा का हवाला दिया और अमेरिका में मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए भारतीय मॉडल अपनाने पर जोर दिया.
भारत का विशाल वोटर बेस और फोटो पहचान पत्र
ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि हाल के भारतीय आम चुनावों में लगभग 64.6 करोड़ (646 मिलियन) नागरिकों ने भाग लिया था और प्रत्येक मतदाता के पास एक वैध फोटो पहचान दस्तावेज (EPIC / Voter ID Card) होना अनिवार्य था. उन्होंने इस बात पर विशेष ध्यान आकर्षित किया कि इतने विशाल लोकतंत्र में 1 प्रतिशत से भी कम लोगों ने डाक मतपत्रों (Mail-in Ballots) का उपयोग किया, जबकि बाकी सभी नागरिकों ने सीधे मतदान केंद्र पहुंचकर वैध पहचान पत्र के साथ मतदान किया.
भारतीय पहचान पत्र प्रणाली और बायोमेट्रिक तकनीक
भारत की चुनाव आयोग व्यवस्था में EPIC (Electors Photo Identity Card) प्रणाली लागू है, जो हर मतदाता की पहचान सुनिश्चित करती है. इसके अलावा, भारत सरकार ने मतदाता पहचान पत्रों को आधार कार्ड के बायोमेट्रिक डेटाबेस से जोड़ा है, जिससे फर्जी वोटिंग और दोहरी प्रविष्टियों पर पूरी तरह अंकुश लगा है.
व्हाइट हाउस ने भी माना कि भारत और ब्राजील जैसे देशों में Voter ID बायोमेट्रिक डेटा से जुड़ा है, जिससे चुनाव प्रक्रिया सुरक्षित रहती है. इसके विपरीत, अमेरिका में नागरिकता की पुष्टि के लिए मुख्य रूप से self-attestation (स्व-घोषणा) पर निर्भर रहना पड़ता है.
अमेरिकी चुनावी सुधारों में भारत का संदर्भ
ट्रंप ने अमेरिकी कांग्रेस (संसद) से ‘SAVE America Act’ (सेफगार्ड अमेरिकन वोटर एलिजिबिलिटी एक्ट) को तुरंत पास करने की अपील की. इस बिल का मुख्य उद्देश्य संघीय चुनावों में मतदान के लिए नागरिकता का प्रमाण-पत्र और फोटो आईडी अनिवार्य बनाना तथा डाक से मतदान के नियमों को कड़ा करना है. ट्रंप के मुताबिक, भारत जैसी सख्त पहचान प्रणाली अपनाकर अमेरिका अपनी चुनाव व्यवस्था को धांधली मुक्त और विश्वसनीय बना सकता है.


