दिवंगत नेता की राजनीतिक विरासत को संभालने उतरी श्वेता शर्मा के मैदान में आने से गिरिडीह का यह उपचुनाव बेहद दिलचस्प होने की संभावना है, और हर किसी की निगाहें अब आधिकारिक घोषणा तथा चुनावी मैदान के समीकरणों पर टिकी हुई हैं.
रांची. झारखंड की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हो चुकी है. गिरिडीह विधानसभा सीट पर होने वाले आगामी उपचुनाव के लिए दिवंगत शिक्षा मंत्री सह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू की पत्नी श्वेता शर्मा ने सक्रिय राजनीति में कदम रख दिया है.
पति के असामयिक निधन के ठीक 22 दिन बाद उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचकर अपनी राजनीतिक पारी का आगाज़ किया है, जिससे क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों में हलचल तेज हो गई है.
पति के सपनों को पूरा करने का संकल्प
गिरिडीह के हरसिंगरायडीह स्थित उत्सव उपवन में आयोजित झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक में श्वेता शर्मा ने पहली बार आधिकारिक रूप से शिरकत की. इस दौरान उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए अपने पति के अधूरे सपनों को पूरा करने का दृढ़ संकल्प लिया.
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने बेहद भावुक शब्दों में कहा कि जिस प्रकार दिवंगत सुदिव्य कुमार सोनू हमेशा जनता के सुख-दुख में उनके साथ चट्टान की तरह खड़े रहते थे, ठीक उसी प्रकार वह भी क्षेत्र की जनता और कार्यकर्ताओं के हर सुख-दुख में साए की तरह साथ निभाएंगी. उन्होंने गिरिडीह के विकास को लेकर देखे गए सोनू के विजन को धरातल पर उतारने के लिए सभी से सहयोग और समर्थन की अपील की.
झामुमो का मजबूत आधार और उपचुनाव की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि झारखंड के शिक्षा मंत्री रहे सुदिव्य कुमार सोनू का पिछले महीने 5 और 6 सितंबर 2026 की मध्यरात्रि को गिरिडीह के मर्सी अस्पताल में दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ने से अचानक निधन हो गया था. उनके निधन से रिक्त हुई गिरिडीह विधानसभा सीट पर अब उपचुनाव होना अनिवार्य हो गया है.
हाल ही में हुए श्राद्धकर्म और द्वादशा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत कई वरिष्ठ मंत्री और विधायक शामिल हुए थे. इसी दौरान मुख्यमंत्री सोरेन ने उपचुनाव में श्वेता शर्मा को झामुमो के टिकट पर मैदान में उतारने के स्पष्ट संकेत दिए थे, जिसके बाद से ही राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई थी.
राजनीतिक गलियारों में बढ़ती हलचल
बैठक के दौरान झामुमो जिलाध्यक्ष संजय सिंह, राज्यसभा सांसद सरफराज अहमद और जिला प्रवक्ता कृष्ण मुरारी शर्मा सहित सैकड़ों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और नेता मौजूद रहे. एक तरफ जहां झामुमो खेमा श्वेता शर्मा की उम्मीदवारी को लेकर एकजुट नजर आ रहा है और उन्हें जनता का समर्थन मिलने की पूरी उम्मीद है, वहीं दूसरी तरफ इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद विरोधी दलों, विशेषकर भाजपा खेमे में भी चुनावी सुगबुगाहट और रणनीतिक तैयारियां तेज हो गई हैं.



