- जयपाल सिंह मुंडा की प्रतिमा के चबूतरे पर रिमझिम फुहार के बीच लेटा युवक ने तस्वीर ने सबको झकझोरा
रांची. झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 13वें दिन भी जारी है. इस समय रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम परिसर से सामने आई एक तस्वीर पूरे प्रदेश की सियासत और शासन व्यवस्था के जमीर को झकझोर रही है.
मूसलाधार बारिश के बीच अमर शहीद मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की प्रतिमा के चबूतरे पर तिरपाल तक के अभाव में भीगता हुआ एक सत्याग्रही युवक लेटा हुआ है. यह सिर्फ एक भीगते हुए छात्र की तस्वीर नहीं है, बल्कि संस्थागत भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़कों पर संघर्ष कर रहे लाखों युवाओं के बिखरते सब्र और टूटती उम्मीदों का जीवंत दस्तावेज है.
13वें दिन भी डटे छात्र, सीबीआई जांच और 14वीं पीटी रद्द करने की मांग
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं को लेकर जारी यह सत्याग्रह अब व्यापक जनांदोलन का रूप ले चुका है. अनशन और विरोध-प्रदर्शन के 13वें दिन अभ्यर्थियों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे केवल खोखले आश्वासनों और जांच आयोगों के गठन से पीछे हटने वाले नहीं हैं.
छात्रों की मांगे
- 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (PT) को साक्ष्यों के आधार पर तत्काल रद्द किया जाए.
- पूरी परीक्षा प्रक्रिया और भर्ती घोटालों की निष्पक्ष जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराई जाए.
- परीक्षाओं को अधर में लटकाने वाली बाहरी एजेंसियों पर कठोर कार्रवाई हो और जेपीएससी व जेएसएससी का पूरी तरह पुनर्गठन किया जाए.
प्रशासन की वार्ता पेशकश और वरिष्ठ पत्रकारों का अलर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने उच्च स्तरीय मंत्रियों की कमेटी बनाकर छात्रों को वार्ता का न्योता भेजा है. हालांकि, आंदोलनकारी नेताओं का कहना है कि वार्ता ठोस फैसलों और लिखित मसौदे पर होनी चाहिए, न कि केवल समय बिताने के आश्वासन पर.
दूसरी ओर, राज्य के वरिष्ठ पत्रकारों और राजनीतिक विश्लेषकों ने छात्रों को सलाह दी है कि वे अपने इस अनुशासित और लोकतांत्रिक आंदोलन की बागडोर अपने ही हाथों में रखें. आंदोलन को किसी भी राजनीतिक दल या बाहरी तत्वों द्वारा हाइजैक न होने दें. विश्लेषकों का मानना है कि पारदर्शी समाधान के लिए छात्रों को सरकार के पास अपना लिखित मांग पत्र भेजकर स्पष्ट नीतिगत फैसलों का इंतजार करना चाहिए.
व्यवस्था के जमीर पर सवाल
भले ही सरकार की ओर से जांच की बात कही जा रही हो, लेकिन जयपाल सिंह स्टेडियम में बारिश के थपेड़े सहते युवा यह सवाल खड़ा कर रहे हैं कि युवाओं के भविष्य पर डाका डालने वाले माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई के बजाय व्यवस्था चुप क्यों है? अब देखना यह होगा कि क्या सरकार त्वरित और ठोस कदम उठाकर युवाओं का डगमगाया भरोसा बहाल करती है या यह जनांदोलन और उग्र रूप धारण करता है.
वार्ताकारों में आठ छात्र प्रतिनिधि के अलावा पत्रकार व वकील भी
JPSC-JSSC समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में जारी छात्र आंदोलन के बीच सरकार से होने वाली वार्ता को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. आंदोलनकारी छात्रों ने प्रतिनिधिमंडल की सूची जारी कर दी है.
प्रतिनिधिमंडल के नेतृत्व में राज्य सरकार के साथ बातचीत होगी. प्रतिनिधिमंडल में आठ छात्र प्रतिनिधियों के अलावा दो पत्रकार और एक वकील को शामिल किया गया. हालांकि उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वार्ता के दौरान सभी मांगें और तथ्य केवल छात्र प्रतिनिधि ही सरकार के सामने रखेंगे.


