नई दिल्ली. देश की सबसे चर्चित प्रतियोगी परीक्षा NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ा खुलासा किया है. सीबीआई द्वारा राउज एवेन्यू कोर्ट में दाखिल की गई 94 पन्नों की चार्जशीट में यह बात सामने आई है कि लीक का तरीका किसी हाई-टेक डिजिटल तकनीक पर नहीं, बल्कि बेहद साधारण लेकिन शातिराना तरकीबों पर आधारित थासवाल याद करना, कागज की पर्चियों पर लिखना और NCERT किताबों के पन्नों पर निशान लगाना.
NTA के 3 विषय विशेषज्ञ ही निकले मास्टरमाइंड
सीबीआई जांच में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की प्रश्नपत्र निर्माण टीम में शामिल तीन विषय विशेषज्ञों को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है:
- पी.वी. कुलकर्णी (केमिस्ट्री एक्सपर्ट)
- मनीषा मंधारे (बॉटनी एक्सपर्ट)
- मनीषा हवलदार (फिजिक्स एक्सपर्ट)
इन तीनों विशेषज्ञों के पास प्रश्न तैयार करने और अनुवाद (बैक-ट्रांसलेशन) प्रक्रिया के दौरान पेपर के गोपनीय सेक्शन तक सीधी पहुंच थी. आसान प्रश्नों को ये अपनी याददाश्त में दर्ज कर लेते थे और रात में होटल के कमरे में जाकर उन्हें कागज की पर्चियों पर उतार लेते थे. इसके अलावा, कई सवालों के जवाब देने के लिए NCERT की पाठ्यपुस्तकों के संबंधित पैराग्राफों पर पेन से निशान लगा दिए जाते थे.
पैसा और कोचिंग संस्थानों का सक्सेस रेट बढ़ाने की नीयत
चार्जशीट के मुताबिक, इस पूरी साजिश के पीछे मुख्य मकसद मोटा पैसा कमाना और आरोपी विशेषज्ञों से जुड़े प्राइवेट ट्यूशन सेंटर्स व कोचिंग संस्थानों का सक्सेस रेट बढ़ाना था. लीक की गई पर्चियों और चिह्नित किताबों को भरोसेमंद बिचौलियों और कोचिंग नेटवर्क के जरिए चुनिंदा छात्रों तक पहुंचाया गया.
पुलिस छापेमारी में छात्रों के पास से हाथ से लिखे कई नोट्स बरामद हुए हैं. सीबीआई का कहना है कि यह पूरा तरीका इसलिए अपनाया गया ताकि कोई डिजिटल ट्रेल (डिजिटल सुराग) न छूटे.
NTA की सुरक्षा प्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
इस खुलासे ने NTA की सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है. चार्जशीट में कहा गया है कि NTA के कॉन्फिडेंशियल (गोपनीय) विभाग में काम करने वाले विशेषज्ञों की नियमित शारीरिक जांच या फ्रिस्किंग की कोई व्यवस्था ही नहीं थी. उदाहरण के तौर पर, आरोपी पी.वी. कुलकर्णी ने 31 मार्च से 2 अप्रैल के बीच महज 3 दिनों में 135 प्रश्नों का बैक-ट्रांसलेशन किया था और बिना किसी रोक-टोक के जानकारी बाहर भेज दी.
20,000 पन्नों का पुलिंदा, 13 आरोपी और 360 गवाह
सीबीआई ने इस मामले में कुल 13 लोगों को आरोपी बनाया है, जिनमें NTA एक्सपर्ट्स के अलावा कोचिंग संचालक, बिचौलिए और लाभांवित छात्र शामिल हैं.
मामले के मुख्य आंकड़े:
- चार्जशीट फाइल: 20,000 पन्ने, 360 गवाह, 422 दस्तावेज़ और 43 भौतिक सबूत.
- कार्रवाई: 5 राज्यों (महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली आदि) में 92 स्थानों पर छापेमारी.
- कानूनी धाराएं: BNS, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और लोक परीक्षा अधिनियम 2024 के तहत केस दर्ज.
फिलहाल सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और सीबीआई कोर्ट में इन गंभीर आरोपों को साबित करने के लिए आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है.


