रांची. झारखंड सरकार ने स्कूली शिक्षा के स्तर को उन्नत बनाने और छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों के कौशल को निखारने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी ‘उड़ान’ (यूनिफाइड डवलपमेंट थ्रो एकेडमिक एडवांसमेंट एंड नेशनल एक्सपोजर) योजना की शुरुआत की है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा पांच वर्षों के लिए तैयार इस योजना के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंजूरी दे दी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक स्कूली पढ़ाई को व्यावहारिक अनुभवों और राष्ट्रीय स्तर के परिवेश से जोड़ना है।
योजना के मुख्य बिंदु और लक्ष्य इस योजना के तहत प्रत्येक वर्ष कुल 1,680 विद्यार्थियों और 2,244 शिक्षकों को शैक्षणिक भ्रमण पर भेजा जाएगा। पांच वर्षों के इस अभियान में कुल 8,400 विद्यार्थियों और 11,220 शिक्षकों को लाभान्वित करने का लक्ष्य है, जिस पर लगभग 14.91 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। भ्रमण के दायरे को छात्रों की कक्षाओं के अनुसार अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है:
- कक्षा 1 से 5: जिला स्तरीय शैक्षणिक भ्रमण (960 विद्यार्थी)।
- कक्षा 6 से 8: अंतर जिला शैक्षणिक भ्रमण (360 विद्यार्थी)।
- कक्षा 9 से 12: अंतरराज्यीय शैक्षणिक भ्रमण (360 विद्यार्थी)।
- शिक्षक वर्ग: सभी चयनित शिक्षक अंतरराज्यीय शैक्षणिक भ्रमण पर जाएंगे।
योजना में पारदर्शिता और समानता का पूरा ध्यान रखा गया है, जिसके तहत सभी जिलों, विभिन्न श्रेणियों और लिंग का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा। इसमें 50 प्रतिशत छात्राएं अनिवार्य रूप से शामिल होंगी।
चयन के कड़े और पारदर्शी मापदंड विद्यार्थियों और शिक्षकों का चयन पूरी तरह से योग्यता और प्रदर्शन के आधार पर तय किया गया है:
- विद्यार्थियों के लिए: स्कूल में उपस्थिति, रेल (Regular Assessment for Improved Learning) कार्यक्रम में सहभागिता, शैक्षणिक सहभागिता और अकादमिक प्रदर्शन।
- शिक्षकों के लिए: उपस्थिति, टीचर नीड असेसमेंट में प्रदर्शन, सतत व्यावसायिक विकास कार्यक्रम का समापन तथा शैक्षणिक सुधारों में योगदान।
भ्रमण से लौटने के बाद ये शिक्षक और विद्यार्थी अपने अनूठे अनुभवों को अपने संस्थानों के अन्य साथियों के साथ साझा करेंगे। इस पहल से विद्यार्थियों में उच्च शिक्षा, वैज्ञानिक प्रगति और करियर के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, वहीं शिक्षकों को बेहतरीन शिक्षण पद्धतियों का प्रत्यक्ष अनुभव मिलेगा।


