मुंबई. धनतेरस और दीपावली के पावन पर्व से ठीक पहले भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। त्योहारी मांग में अचानक आए उछाल और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सकारात्मक सुधार के चलते बहुमूल्य धातुओं के दाम आसमान छूने लगे हैं। राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में बुधवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना ₹4,800 की भारी बढ़त के साथ ₹1,46,600 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव ₹1,41,800 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया था।
चांदी की चमक भी तेज, दाम ₹1.93 लाख के पार
सिर्फ सोने ही नहीं, बल्कि चांदी की कीमतों में भी जोरदार तेजी दर्ज की गई है। एमसीएक्स (MCX) और स्थानीय सर्राफा बाजारों में चांदी के दाम ₹9,000 तक उछल गए, जिससे यह ₹1,93,000 प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) के स्तर पर पहुंच गई। इससे पहले कारोबारी सत्र में चांदी का भाव ₹1,84,000 प्रति किलोग्राम था। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी 5 नवंबर को सोना ₹2,441 की तेजी के साथ ₹1,45,675 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,416 की बढ़त के साथ ₹1,90,151 प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई।
कीमतों में अचानक इस तेजी के क्या हैं मुख्य कारण?
विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में इस बड़े बदलाव के पीछे कई प्रमुख कारण हैं:
त्योहारी मांग: धनतेरस और दीपावली के मौके पर भारत में पारंपरिक रूप से सोने-चांदी की खरीदारी को बेहद शुभ माना जाता है। इस सांस्कृतिक मांग के कारण बाजार में खरीदार उमड़े हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों का असर: एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमतों में मजबूत सुधार देखा गया है, जिसका सीधा प्रभाव घरेलू सर्राफा बाजार पर पड़ा है।
अस्थिरता और पिछले उतार-चढ़ाव: विशेषज्ञों का कहना है कि इससे पहले अक्टूबर के दौरान अपने उच्च स्तर से सोने की कीमतों में लगभग आठ प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई थी। अमेरिकी डॉलर की मजबूती, बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर नीतियों के कारण हाल ही में निवेशकों ने मुनाफावसूली की थी, जिसके बाद अब कीमतें एक बार फिर पटरी पर लौट आई हैं।
ग्राहकों पर असर और बाजार का रुख
ब्रिकवर्क रेटिंग्स के शोध प्रमुख राजीव शरण का मानना है कि कीमतों में यह सुधार और त्योहारी खरीदारी की तैयारी ग्राहकों के लिए एक बड़ा विषय बन गई है। पिछले साल की धनतेरस की तुलना में इस बार कीमतों में समग्र वृद्धि का रुख अलग है, फिर भी खरीदारों का उत्साह कम नहीं हुआ है। हालांकि, ऊंचे दामों के चलते कुछ खुदरा खरीदार सतर्क रुख अपना रहे हैं, लेकिन पारंपरिक और डिजिटल सोने के प्रति लोगों का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है।
इस त्योहारी सीजन में बाजार के यह आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि महंगाई के बावजूद भारत में सोने-चांदी की खरीदारी को लेकर लोगों की आस्था और निवेश का रुझान पूरी तरह मजबूत बना हुआ है।


