नई दिल्ली. विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान जिन मतदाताओं के नाम अनुपस्थित, शिफ्टेड, मृत या डुप्लीकेट (ASDD) श्रेणी में दर्ज होने के कारण ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर हो गए थे, उनके लिए भारत निर्वाचन आयोग ने एक बड़ी राहत भरी घोषणा की है। आयोग ने निर्देश जारी किया है कि ऐसे सभी पात्र मतदाताओं को अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम दोबारा शामिल करवाने का एक और विशेष अवसर प्रदान किया जाएगा।
मुख्य बातें और नई व्यवस्था
बूथवार सूची का प्रदर्शन: चुनाव आयोग के निर्देशानुसार, ऐसे मतदाताओं की बूथवार सूची तैयार की जाएगी। इन सूचियों को संबंधित मतदान केंद्रों के साथ-साथ पंचायत भवनों, शहरी स्थानीय निकाय कार्यालयों और ब्लॉक विकास अधिकारियों (BDO) के दफ्तरों में प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही, इन्हें आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर पीडीएफ रूप में भी अपलोड किया जाएगा, जिसमें नाम न जुड़ने की संभावित वजह भी दर्ज होगी।
फॉर्म प्राप्त करने के आसान तरीके: बीएलओ (Booth Level Officer) घर-घर जाकर मतदाताओं को फॉर्म उपलब्ध कराएंगे और राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों की भी मदद ली जाएगी। इसके अलावा, जिन मतदाताओं के संपर्क नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें व्हाट्सऐप, ईमेल और एसएमएस के माध्यम से भी फॉर्म भेजे जाएंगे। मतदाता अपने पुराने ईपीआईसी (EPIC) नंबर का उपयोग करके वेबसाइट से भी फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं।
पता बदलने या न बदलने पर क्या हैं नियम?
यदि मतदाता का पता नहीं बदला है: जो मतदाता अपने पुराने पते पर ही निवास कर रहे हैं, उन्हें भरा हुआ और हस्ताक्षर किया गया गणना फॉर्म जमा करना होगा। इसके साथ ही उन्हें यह लिखित में बताना होगा कि पूर्व में उनका फॉर्म क्यों नहीं जमा हो पाया था (इसके लिए आयोग द्वारा ‘अनुलग्नक-बी’ का प्रारूप तय किया गया है)। इसे ईआरओ, सहायक ईआरओ या बीएलओ को खुद या परिवार के सदस्य के जरिए सौंपा जा सकता है, या ECINET पर ई-साइन के साथ भी जमा किया जा सकता है।
यदि राज्य के भीतर पता बदला है: ऐसे मतदाताओं को ‘अनुलग्नक-सी’ में अपना नया पता और नया विधानसभा क्षेत्र की जानकारी देनी होगी। फॉर्म और घोषणापत्र पर हस्ताक्षर जरूरी होंगे तथा नया पता प्रमाणित करने के लिए वैध दस्तावेज देने होंगे। इसके लिए अलग से फॉर्म-8 भरने की आवश्यकता नहीं होगी।
चुनाव आयोग का निर्देश
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्राप्त सभी आवेदनों और घोषणापत्रों की सख्त जांच के बाद पात्र मतदाताओं के नाम अंतिम सूची में जोड़ दिए जाएंगे, और इस पूरी प्रक्रिया में मतदाता का पुराना ईपीआईसी नंबर ही बरकरार रहेगा। जिन नागरिकों ने एसआईआर के दौरान नए नामांकन के लिए पहले ही फॉर्म-6 भर दिया है, उन्हें दोबारा गणना फॉर्म भरने की कोई आवश्यकता नहीं है। आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को इन दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।


