जमशेदपुर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत निकाली गयी भाजपा की पदयात्रा कई मायनों में खास रही. भाजपा ने इस अभियान से औद्योगिक नगरी में अपनी पकड़ को दर्शाया तो, मौके पर रघुवर दास व सरयू राय की मौजूदगी ने शहर की राजनीति में चर्चाओं को नया मंच दे दिया है.
जमशेदपुर. झारखंड की राजनीतिक बिसात पर एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। जमशेदपुर के आम बागान, साकची से शुरू हुए भारतीय जनता पार्टी के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान और पदयात्रा ने केवल राजनीतिक गलियारों में ही नहीं, बल्कि आम जनता के बीच भी गहरी हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस के कथित ‘वोट चोरी’ अभियान के जवाब में शुरू किए गए इस शक्ति प्रदर्शन के माध्यम से भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है कि झारखंड के इस औद्योगिक शहर में उसका राजनीतिक जनाधार और रणनीतिक पकड़ अभी भी उतनी ही मजबूत है।
दो विपरीत ध्रुवों का मिलन: राजनीतिक परिपक्वता का बड़ा संदेश
इस पूरे कार्यक्रम का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला आकर्षण झारखंड की राजनीति के दो सबसे बड़े और चिर-प्रतिद्वंद्वी चेहरों पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास और सरयू राय की एक ही मंच पर उपस्थिति रही। एक समय था जब इन दोनों नेताओं के बीच की राजनीतिक तल्खी और वैचारिक टकराव झारखंड की राजनीति का सबसे गर्म केंद्र बिंदु हुआ करता था। इन्हें राज्य की राजनीति में दो विपरीत ध्रुव माना जाता था, जिनके बीच की दूरियां पाटना असंभव सा लगता था।
लेकिन, इस पदयात्रा और जनसभा में दोनों दिग्गजों का एक साथ नजर आना और एक मंच साझा करना राज्य की राजनीति में एक बड़ी सोच और दूरदर्शिता का परिचायक है। विश्लेषकों का मानना है कि व्यक्तिगत और पुराने राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार कर केवल लोकतांत्रिक मूल्यों और पार्टी हित में साथ आना झारखंड की राजनीति में एक नई दिशा का संकेत देता है। यह इस बात का प्रमाण है कि बड़े राजनीतिक और वैचारिक लक्ष्यों के आगे व्यक्तिगत दूरियां अब बेमानी हो चुकी हैं।
लौहनगरी के विकास के लिए स्वर्णिम अवसर
यह ऐतिहासिक शक्ति प्रदर्शन केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं था, बल्कि यह जमशेदपुर (लौहनगरी) के भविष्य के लिए एक बड़े अवसर के रूप में देखा जा रहा है। जब केंद्र और राज्य स्तर के इतने कद्दावर नेता एक मंच पर एकजुट होकर शहर की जनता से मुखातिब हों, तो यह उस क्षेत्र के लिए राजनीतिक वजन को स्वतः बढ़ा देता है।
सभा में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, सांसद विद्युत वरण महतो, जदयू नेता सह विधायक सरयू राय, जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू और भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज जैसे दिग्गज नेताओं की मौजूदगी ने यह साबित कर दिया कि पार्टी जमशेदपुर को लेकर कितनी गंभीर है। इन नेताओं के एक मंच पर होने से लौहनगरी की समस्याओं, औद्योगिक विकास और जनहित के मुद्दों को राष्ट्रीय और प्रांतीय स्तर पर एक नई और मजबूत आवाज मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
कांग्रेस पर कड़ा प्रहार और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प
आम बागान मैदान से उठी हुंकार में कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा गया। केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने कांग्रेस पर देश में झूठ फैलाने और भीड़ तंत्र को बढ़ावा देने का गंभीर आरोप लगाया। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि भाजपा का यह अभियान जनता को वास्तविक तथ्यों से अवगत कराने के लिए है।
सभा के समापन के बाद नेताजी सुभाष मैदान से निकली पदयात्रा साकची बड़ा गोलचक्कर और आई हॉस्पिटल से होते हुए जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति के कार्यालय तक पहुंची। इस दौरान हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने लायक था। कुल मिलाकर, यह आयोजन सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि झारखंड की राजनीति में नए समीकरणों के उदय और जमशेदपुर के राजनीतिक पुनरुत्थान का एक शक्तिशाली अध्याय साबित हुआ है।


