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Home » 16 लाख की आय वाले पूर्व भू-अर्जन पदाधिकारी ने कर दिया 90 लाख का खर्च… ACB जांच से घिरे
झारखंड

16 लाख की आय वाले पूर्व भू-अर्जन पदाधिकारी ने कर दिया 90 लाख का खर्च… ACB जांच से घिरे

Ocean News DeskBy Ocean News DeskJune 13, 2026
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रांची . कोडरमा-रांची रेल परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण के दौरान मुआवजा वितरण में कथित अनियमितता के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. जांच एजेंसी के मुताबिक, कोडरमा के तत्कालीन भू-अर्जन पदाधिकारी शारदानंद देव पर मुआवजा राशि देने के बदले लाभुकों से 10 से 25 प्रतिशत तक कमीशन लेने का आरोप है. एसीबी का मानना है कि इसी जरिए उन्होंने अपनी वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की. एसीबी की जांच के अनुसार, 1 मार्च 2014 से 31 जनवरी 2016 के बीच शारदानंद देव की वैध आय करीब 16.47 लाख रुपये थी. लेकिन इसी अवधि में उनके खर्च और निवेश का आंकड़ा करीब 90.27 लाख रुपये तक पहुंच गया. जांच एजेंसी का कहना है कि दोनों आंकड़ों में बड़ा अंतर है, जिससे आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की आशंका मजबूत होती है.

2014-15 के दौरान शारदानंद देव व परिजनों के खातों में 54 लाख हुए जमा

इस मामले की शुरुआत वर्ष 2017 में हुई थी. कोडरमा-रांची रेल परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण के दौरान मुआवजा वितरण में गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी. जांच के दौरान कई लाभुकों से पूछताछ की गई और दस्तावेजों की भी जांच की गई. जांच के दौरान कुश्मा देवी नाम की एक महिला ने गंभीर आरोप लगाए. उसने बताया कि मुआवजा मिलने के बाद बैंक खाता खुलवाने के नाम पर उससे कई कागजों पर हस्ताक्षर कराए गए. बाद में उसके बैंक खाते से कुछ राशि निकाल ली गई. एसीबी इस आरोप की भी जांच कर रही है कि कहीं मुआवजा राशि में हेराफेरी तो नहीं की गई. एसीबी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2014-15 के दौरान शारदानंद देव, उनकी पत्नी सुधा देव, कथित पत्नी सुमित्रा देवी और अन्य संबंधित बैंक खातों में 54 लाख रुपये से अधिक जमा किए गए. जांच एजेंसी इन लेन-देन के स्रोत और उनकी वैधता की पड़ताल कर रही है.

परिवार के नाम पर करीब 20.76 लाख रुपये की जमीन खरीदी

जांच में यह भी सामने आया कि इसी अवधि में परिवार के नाम पर करीब 20.76 लाख रुपये की जमीन खरीदी गई. इसके अलावा उनकी बेटी स्मिता देव के नाम पर भी जमीन खरीदने की जानकारी मिली है. एसीबी इन सभी संपत्तियों के दस्तावेज और खरीद के लिए इस्तेमाल किए गए पैसों के स्रोत की जांच कर रही है.

चास में 75 लाख का अनुमानित लागत वाला मकान 

जांच के दौरान बोकारो के चास इलाके में शारदानंद देव से जुड़े एक तीन मंजिला मकान की जानकारी भी मिली है. एसीबी का अनुमान है कि इस मकान के निर्माण पर करीब 75 लाख रुपये खर्च किए गए. एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस संपत्ति के निर्माण में इस्तेमाल की गई रकम कहां से आई. एसीबी फिलहाल बैंक खातों, जमीन की खरीद-बिक्री, संपत्तियों और कथित कमीशनखोरी से जुड़े सभी दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है. जांच एजेंसी का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई हो सकती है.

Former Land Acquisition Officer with an income of ₹16 lakh spent ₹90 lakh... faces ACB probe.
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