Close Menu
Ocean PostOcean Post
  • होम
  • झारखंड
    • शिक्षा
    • स्वास्थ्य
  • बिहार
  • रेलवे
  • राजनीति
  • कारोबार
  • देश/दुनिया
  • मीडिया
  • ओसियन स्पेशल
Facebook X (Twitter) Instagram Threads
Ocean PostOcean Post
  • होम
  • झारखंड
    • शिक्षा
    • स्वास्थ्य
  • बिहार
  • रेलवे
  • राजनीति
  • कारोबार
  • देश/दुनिया
  • मीडिया
  • ओसियन स्पेशल
Ocean PostOcean Post
  • होम
  • झारखंड
  • बिहार
  • रेलवे
  • राजनीति
  • कारोबार
  • देश/दुनिया
  • मीडिया
  • ओसियन स्पेशल
Home » इथेनॉल ब्लेंडिंग पर मोदी सरकार को बड़ी चेतावनी, क्या वापस लौटेगा E-10 पेट्रोल!
ओसियन स्पेशल

इथेनॉल ब्लेंडिंग पर मोदी सरकार को बड़ी चेतावनी, क्या वापस लौटेगा E-10 पेट्रोल!

SHOBHA SINGHBy SHOBHA SINGHAugust 18, 2026
Share Facebook Twitter WhatsApp Telegram Copy Link
AI जेनरेटेड डाटा
Share
Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

‘इथेनॉल नीति पर lसरकार के शीर्ष आर्थिक सलाहकार ने केंद्र को पुनर्विचार करने की चेतावनी दी है. इसमें कहा गया है कि इथेनॉल मिश्रण के फायदों को असीमित नहीं माना जाये. इस तरह ई-20 से आगे नहीं बढ़ाकर ई-10 का विकल्प दोबारा उपलब्ध कराया जाना चाहिए.

नई दिल्ली. केंद्र सरकार के इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को लेकर एक नया और अहम मोड़ सामने आया है. भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंत नागेश्वरन और वित्त मंत्रालय के सलाहकार आकाश पुजारी ने पेट्रोल में 20 प्रतिशत (ई-20) से अधिक इथेनॉल मिश्रण पर गंभीर चिंता जताई है.

द वायर में प्रकाशित एक रिपोर्ट और इंडियन एक्सप्रेस में लिखे गए एक संयुक्त संपादकीय के माध्यम से इन शीर्ष सलाहकारों ने सरकार को चेतावनी दी है कि इथेनॉल मिश्रण के फायदों को असीमित नहीं माना जाना चाहिए. उनका सुझाव है कि पेट्रोल पंपों पर 10 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित ईंधन (ई-10) का विकल्प दोबारा उपलब्ध कराया जाना चाहिए और ई-20 से आगे मिश्रण को नहीं बढ़ाया जाना चाहिए.

पुराने वाहनों और उपभोक्ताओं की सुरक्षा का मुद्दा

सलाहकारों ने सरकार को भेजी गई अपनी सूचना और संपादकीय में स्पष्ट किया है कि देश में इस समय लगभग 7.5 से 8 करोड़ ऐसे पुराने कार्ब्यूरेटर वाले वाहन मौजूद हैं, जो 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित ईंधन पर सुचारू रूप से नहीं चल सकते. हालांकि वे इस बात से सहमत हैं कि यदि वाहन ई-20 के अनुकूल बनाए गए हैं, तो इससे इंजन को कोई नुकसान नहीं होता और ईंधन दक्षता में महज 6 प्रतिशत की मामूली कमी आती है.

इसके बावजूद, स्पेयर पार्ट्स का बाजार और स्थानीय मैकेनिकों का नेटवर्क इतनी तेजी से इस बदलाव को अपनाने में सक्षम नहीं है. इसलिए, जब तक पुराने वाहनों के बेड़े को नए ईंधन के अनुकूल बनाने का कार्यक्रम पूरा नहीं हो जाता, तब तक ई-10 जैसे कम मिश्रण वाले ईंधन का विकल्प जनता के लिए खुला रहना चाहिए.

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के रुख से भिन्न राय

यह चेतावनी केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के उस रुख से काफी अलग है, जिसमें उन्होंने हाल ही में वाहनों द्वारा 100 प्रतिशत तक इथेनॉल के इस्तेमाल से जुड़े नियमों को मंजूरी दी है. केंद्रीय मंत्री गडकरी ने बार-बार ई-20 से इंजन के प्रदर्शन पर पड़ने वाले असर और वाहन मालिकों की चिंताओं को खारिज किया है. इसके विपरीत, मुख्य आर्थिक सलाहकार और वित्त मंत्रालय के सलाहकार ने जनता की चिंताओं को दूर करने और बाजार में संतुलन बनाए रखने के लिए ई-10 को वापस लाने की पुरजोर वकालत की है.

तिलहन किसानों पर संकट और ‘भोजन बनाम ईंधन’ की बहस

सलाहकारों ने अपनी रिपोर्ट में आर्थिक और कृषि मोर्चे पर भी बड़े खतरे की ओर इशारा किया है. वर्तमान में भारत में इथेनॉल का एक बड़ा हिस्सा (लगभग आधा हिस्सा मक्के से और कुल मिलाकर करीब 67% अनाज से) तैयार किया जाता है. मक्के की बढ़ती मांग सीधे तौर पर तिलहन की फसलों (जैसे सोयाबीन, मूंगफली और सरसों) के साथ खेतों के लिए प्रतिस्पर्धा करती है.

रिपोर्ट में क्या है खास

कच्चे तेल का भारी-भरकम आयात बिल (लगभग 11 से 12 लाख करोड़ रुपये सालाना) है, जबकि खाद्य तेल का आयात बिल करीब 1.6 से 1.75 लाख करोड़ रुपये है.

  • पेट्रोल में ई-20 मिलाने से कच्चे तेल के आयात बिल में केवल 3 से 4 प्रतिशत की ही कमी आती है.
  • इसके उलट, इथेनॉल के लिए मक्के की खेती बढ़ने से देश में तिलहन उत्पादन प्रभावित हो रहा है, जिससे आत्मनिर्भरता का लक्ष्य कमजोर पड़ रहा है.
  • इसके अलावा, इथेनॉल उत्पादन के बाद बचने वाले मक्के के चारे की कीमतें सोयाबीन खली की तुलना में कम होती हैं, जिससे तिलहन किसानों को दोहरा नुकसान उठाना पड़ रहा है.

पर्यावरणीय दावों पर पुनर्विचार की जरूरत

पर्यावरण के मोर्चे पर भी सलाहकारों ने आगाह किया है कि गन्ने और मक्के जैसी फसलों के लिए महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में की जाने वाली खेती से पहले से ही दबाव में चल रहे जल स्रोतों पर भारी संकट खड़ा हो रहा है. उन्होंने सलाह दी है कि ‘भोजन बनाम ईंधन’ की इस लागत का पूरा हिसाब-किताब लगाने के बाद ही नीतिगत कदम उठाए जाने चाहिए.

सलाहकारों ने निष्कर्ष के तौर पर सरकार को सुझाव दिया है कि जब तक इस पूरी प्रक्रिया के दीर्घकालिक प्रभावों का सटीक आंकलन न हो जाए, तब तक देश को ई-20 की सीमा पर ही रोक देना चाहिए और खाने के तेल पर आयात शुल्क तथा मूल्य व्यवस्था की विसंगतियों को सुधारने पर ध्यान देना चाहिए.

CEA V Anantha Nageswaran Crude Oil Import E10 Petrol E20 Petrol Ethanol Blending Food Vs Fuel Modi Government Policy Nitin Gadkari
Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
Previous ArticleJSSC-CGL रद होने पर भड़का निष्पक्ष अभ्यर्थियों का गुस्सा, कहा – दोषियों की जांच CBI करे, मेरिट वाले युवाओं को न मिले सजा
Next Article बिहार में प्रशासनिक फेरबदल: 18 आईपीएस अधिकारियों का तबादला, सारण, सीवान और नालंदा समेत कई जिलों के एसपी बदले
SHOBHA SINGH
  • Website

मास कम्युनिकेशन की पृष्ठभूमि, डिजिटल मीडिया में गहराई से रुचि रखने वाली शोभा सिंह हिंदी न्यूज राइटर और OCEANPOST.IN की सब-एडिटर हैं. देश-दुनिया की हलचलों, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय खबरों को शब्दों के सही चयन और बेहतरीन संपादन (Editing) के जरिए पाठकों तक आसान भाषा में पहुंचा रहीं हैं.

Related Posts

ओसियन स्पेशल

संतान की लंबी आयु और आरोग्य का महापर्व ‘जीतिया’, जानिए व्रत का महत्व, नियम और वास्तु से जुड़ी खास बातें

October 3, 2026
ओसियन स्पेशल

राम मंदिर के नए CEO जितेंद्र मिश्रा का पदभार संभालना, अनुशासन, सुशासन और आधुनिक प्रबंधन के नए युग की शुरुआत

September 4, 2026
Uncategorized

40 New Bolero: जमशेदपुर पुलिस को मिले 40 नए वाहन, पुलिसकर्मियों को नियमित गश्त करने और किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश

September 3, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

अभी-अभी

गिरिडीह उपचुनाव: दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू की विरासत संभालने राजनीति में उतरीं पत्नी श्वेता शर्मा

October 3, 2026

चिंताजनक: तमिलनाडु में हाइवे के सूचना पट पर हिंदी लिखने पर दो इंजीनियर निलंबित, देश की राष्ट्रभाषा की उपेक्षा पर गहरे सवाल

October 3, 2026

मोतिहारी में जिउतिया पर्व पर अनहोनी, व्रत के उल्लास के बीच तालाब में डूबने से 4 बच्चियों की अकाल मौत, मातम में बदली खुशियां

October 3, 2026

संतान की लंबी आयु और आरोग्य का महापर्व ‘जीतिया’, जानिए व्रत का महत्व, नियम और वास्तु से जुड़ी खास बातें

October 3, 2026

सरकार का बड़ा फैसला: PPF और सुकन्या समृद्धि समेत सभी छोटी बचत योजनाओं पर लगातार 10वीं तिमाही भी ब्याज दरें यथावत!

October 3, 2026
Advertisement
Ocean Post
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
  • About Us oceanpost
  • Advertise With Us
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Contact
© 2026 Ocean Post. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.