इस तीन माह लंबे अभियान के दौरान राज्य में लगभग 70 लाख अयोग्य या डुप्लिकेट नामों को सफलतापूर्वक सूची से बाहर किया गया. इस पूरी निष्पक्ष प्रक्रिया का सबसे मजबूत पहलू यह रहा कि अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद प्रशासनिक स्तर पर एक भी कानूनी अपील दर्ज नहीं हुई,
पटना. भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार दो दिवसीय राजकीय दौरे पर बिहार पहुंचे हैं. पटना हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने राज्य की चुनावी जागरूकता और मतदाता सूची के शुद्धिकरण अभियान की खुलकर प्रशंसा की. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लोकतंत्र की जननी वैशाली की पावन भूमि ने एक बार फिर पूरी दुनिया के सामने नागरिक सहभागिता का अप्रतिम उदाहरण पेश किया है.
वैश्विक लोकतंत्रों को पछाड़कर बिहार ने रचा इतिहास
आयोग के प्रमुख ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि बिहार में मतदाताओं की भागीदारी दुनिया के कई शीर्ष विकसित राष्ट्रों से भी कहीं अधिक दर्ज की गई है. हालिया चुनावों में बिहार का मतदान प्रतिशत अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, स्पेन और जापान जैसे विकसित देशों के राष्ट्रीय चुनावी आंकड़ों की तुलना में काफी आगे रहा. स्वतंत्रता के बाद से अब तक के इतिहास में बिहार ने सर्वाधिक मतदान का नया कीर्तिमान स्थापित किया है.
चुनावों में बिहार का मतदान प्रतिशत अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, स्पेन और जापान जैसे विकसित देशों के राष्ट्रीय चुनावी आंकड़ों की तुलना में काफी आगे रहा. स्वतंत्रता के बाद से अब तक के इतिहास में बिहार ने सर्वाधिक मतदान का नया कीर्तिमान स्थापित किया है.
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) मॉडल की अभूतपूर्व सफलता
निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम की सराहना करते हुए ज्ञानेश कुमार ने कहा कि मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और पारदर्शी बनाने की इस राष्ट्रव्यापी पहल की नींव बिहार से ही रखी गई थी. इस तीन माह लंबे अभियान के दौरान राज्य में लगभग 70 लाख अयोग्य या डुप्लिकेट नामों को सफलतापूर्वक सूची से बाहर किया गया. इस पूरी निष्पक्ष प्रक्रिया का सबसे मजबूत पहलू यह रहा कि अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद प्रशासनिक स्तर पर एक भी कानूनी अपील दर्ज नहीं हुई, जो चुनावी तंत्र की पारदर्शिता पर जनता के अटूट विश्वास का प्रमाण है.
युवाओं और बीएलओ से सीधा संवाद स्थापित करने की योजना
अपने दौरे के विस्तृत कार्यक्रम की जानकारी देते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि वे राज्य के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर रहे हैं.
सीतामढ़ी, मधुबनी और वैशाली: उन्होंने संबंधित जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठकें कर स्थानीय चुनावी फीडबैक प्राप्त किया.
नालंदा में बीएलओ सम्मेलन: सोमवार को वे नालंदा विश्वविद्यालय में लगभग 500 बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) से सीधे रूबरू होंगे और उनके जमीनी अनुभवों व चुनौतियों पर चर्चा करेंगे.
पटना में युवा सम्मेलन: इसके बाद पटना स्थित ज्ञान भवन में ‘इलेक्शन लिटरेसी क्लब (ESC 2.0)’ सम्मेलन में राज्यभर के 400 से अधिक शिक्षण संस्थानों के हजारों छात्र-छात्राओं और कुलपतियों को संबोधित करेंगे, ताकि युवा पीढ़ी को डिजिटल सहभागिता और चुनावी साक्षरता से जोड़ा जा सके.


