रांची. झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर जारी फर्जीवाड़े और धांधली के खेल से पर्दा उठने लगा है. विशेष जांच दल (CID) द्वारा गिरफ्तार आरोपियों से की जा रही कड़ी पूछताछ में ऐसे कई सनसनीखेज तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने राज्य की प्रशासनिक परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
बिचौलियों का नेटवर्क और किश्तों में रिश्वत का खेल
सीआईडी जांच में हजारीबाग निवासी परीक्षार्थी सुमन सौरभ ने स्वीकार किया है कि 14वीं JPSC परीक्षा में अंतिम चयन सुनिश्चित कराने के लिए उसने बिचौलिए पवन सिंह से 80 लाख रुपये का सौदा किया था. समझौते के तहत भुगतान को तीन चरणों में विभाजित किया गया था:
- प्रारंभिक परीक्षा (PT) : ₹20 लाख
- मुख्य परीक्षा (Mains) : ₹40 लाख
- साक्षात्कार (Interview) : ₹20 लाख
अभ्यर्थी ने पीटी में सफलता पाने के लिए पांच अलग-अलग किश्तों में कुल 16 लाख रुपये बैंक ट्रांसफर के माध्यम से एजेंट के खाते में भेजे थे. फिलहाल पुलिस वित्तीय लेनदेन का पूरा ब्योरा खंगाल रही है.
परीक्षा केंद्र पर रणनीति, सिर्फ खाली छोड़ी गई ओएमआर शीट
जांच में यह चौंकाने वाला तरीका सामने आया है कि अभ्यर्थियों को केवल वही प्रश्न हल करने की हिदायत दी जाती थी, जिनका उत्तर उन्हें पता हो. बाकी सभी प्रश्नों के गोले जानबूझकर खाली छोड़ दिए जाते थे. इसके बाद OMR शीट का क्रमांक और कार्बन कॉपी एजेंट को सौंप दी जाती थी, जहां बाद में बैकड्रॉप में सही उत्तर भरे जाते थे. 2 जुलाई को परिणाम घोषित होने के बाद जब संबंधित अभ्यर्थी की खाली OMR शीट सोशल मीडिया पर वायरल हुई, तब मामले का भंडाफोड़ हुआ.
सिंडिकेट में उच्चाधिकारियों और निजी एजेंसियों की सांठगांठ
जांच एजेंसियों को इस पूरे मेधा घोटाले में एक व्यवस्थित सिंडिकेट की भूमिका के पुख्ता प्रमाण मिले हैं. शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, परीक्षा का संचालन करने वाली एजेंसी, बिचौलियों, कोचिंग संचालकों और आयोग के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों का गठजोड़ अभ्यर्थियों से लाखों रुपये वसूल कर उन्हें पास करा रहा था.
ईमानदार अभ्यर्थियों का पक्ष और कानूनी शिकंजा
एक तरफ जहां धांधली के नए सबूत सामने आ रहे हैं, वहीं चयनित कुछ अभ्यर्थियों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए अपनी सफलता को विशुद्ध रूप से व्यक्तिगत योग्यता का परिणाम बताया है. बहरहाल, हाई कोर्ट में दाखिल याचिकाओं और सीआईडी की ताबड़तोड़ छापेमारी के बीच आने वाले दिनों में कई और बड़े चेहरों पर शिकंजा कसने की संभावना है.


