- परिवहन विभाग के ASI अमित गुप्ता पर ईओयू का शिकंजा; आरा और पटना में 11 भूखंड, फ्लैट व ₹1.49 करोड़ की बेनामी संपत्ति उजागर
पटना. बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) का ताबड़तोड़ अभियान जारी है. ताजा मामले में कैमूर जिले के मोहनिया चेकपोस्ट पर तैनात परिवहन विभाग के प्रवर्तन अवर निरीक्षक (ASI) अमित कुमार गुप्ता ईओयू के रडार पर आ गए हैं. आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में ईओयू की टीमों ने गुप्ता के पटना, आरा और कैमूर स्थित ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर उनकी अकूत संपत्ति का खुलासा किया है.
आय से 148% अधिक संपत्ति का खुलासा
ईओयू की शुरुआती जांच में सामने आया है कि अमित कुमार गुप्ता ने अपनी ज्ञात वैध आय की तुलना में 148.10% अधिक अवैध संपत्ति जमा की है. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, अधिकारी ने अपनी सेवा अवधि के दौरान लगभग ₹1.49 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति अर्जित की है. इस बाबत उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
पटना और आरा में 11 प्लॉट, फ्लैट्स और महंगी गाड़ियां
छापेमारी के दौरान जांच अधिकारियों को जो सबूत मिले हैं, वे हैरान करने वाले हैं:
- जमीन और मकान: आरा और पटना में कुल 11 कीमती भूखंड (प्लॉट), बहुमंजिला मकान और लग्जरी फ्लैट्स से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं.
- कंपनी और बिजनेस में निवेश: दिल्ली और नोएडा की रियल एस्टेट व बिजनेस पार्क प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियों में निवेश के साक्ष्य मिले हैं.
- लक्जरी वाहन व कैश: तलाशी के दौरान अधिकारियों ने ₹3 लाख से अधिक नकद, एक टाटा टियागो, एक इलेक्ट्रिक कार और 13 महंगी घड़ियां जब्त की हैं.
15 बैंक खातों की जानकारी, लॉकर खंगाल रही टीम
जांच टीम को अमित कुमार गुप्ता और उनके परिजनों के नाम पर विभिन्न बैंकों में स्थित 15 खातों और पासबुक की जानकारी मिली है, जिनमें लाखों रुपये जमा हैं. इन खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इसके अलावा बैंक लॉकर, म्यूचुअल फंड में ₹30 लाख से अधिक का निवेश, और ₹10 लाख से अधिक की एलआईसी (LIC) पॉलिसियों के दस्तावेज भी बरामद हुए हैं.
2013 में हुई थी नियुक्ति
अमित कुमार गुप्ता वर्ष 2013 में परिवहन विभाग में प्रवर्तन अवर निरीक्षक के पद पर नियुक्त हुए थे. उनकी पहली तैनाती पूर्णिया में हुई थी, जिसके बाद वे मुजफ्फरपुर, छपरा, अररिया और पटना समेत कई जिलों में पदस्थापित रहे. वर्तमान में वे कैमूर के मोहनिया चेकपोस्ट पर तैनात थे, जहां से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई है.



