नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने मीडिया को बताया कि पाटलिपुत्र टाउनशिप के पूरे क्षेत्र, कोर क्षेत्र समेत, में अब जमीन के क्रय-विक्रय पर कोई रोक नहीं है. इसकी सूचना पटना के समाहर्ता-सह-जिला निबंधक को दे दी गई है.
पटना. बिहार सरकार ने राजधानी पटना के बहुप्रतीक्षित पाटलीपुत्र टाउनशिप क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री (क्रय-विक्रय) पर लगी रोक को तत्काल प्रभाव से हटा लिया है. इस फैसले से इस क्षेत्र के हजारों भू-स्वामियों और निवेशकों को बड़ी राहत मिली है, जो लंबे समय से अपनी संपत्तियों का लेनदेन नहीं कर पा रहे थे. नगर विकास विभाग के इस प्रस्ताव को बुधवार को राज्य मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी. इसके बाद जमीन मालिक तय नियमों के तहत अपनी जमीन बेच या दूसरे के नाम कर सकेंगे.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में 12 सेटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की घोषणा की है, जिस पर काम शुरू हो चुका है. इसमें पटना, सोनपुर, छपरा, सीतामढ़ी, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया, मुंगेर, गयाजी और रोहतास के डेहरी में सेटेलाइट सिटी बसाई जानी है.
इस साल अप्रैल में हुई इस घोषणा के बाद से ही पाटलिपुत्र समेत सभी टाउनशिप की जमीन-खरीद बिक्री पर रोक लगा दी गई थी. हालांकि अभी सरकार ने सिर्फ पाटलिपुत्र टाउनशिप के लिए जमीन-खरीद बिक्री करने की अनुमति दी है. अन्य टाउनशिप के प्रारूप का काम जारी है. प्रारुप के प्रकाशन के बाद नगर विकास प्राधिकरण विकास योजना तथा उससे जुड़े विकास नियंत्रण विनियमन (डीसीआर) के तहत इसे नियंत्रित करेगा.
मुख्य बातें
- 12 ग्रीनफील्ड टाउनशिप प्रोजेक्ट : राज्य में प्रस्तावित 12 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप में से सबसे पहले पटना के पास पाटलीपुत्र टाउनशिप को विकसित किया जाना है.
- धनुरुआ अंचल को मिलेगी प्राथमिकता : इस विकास योजना के तहत धनुरुआ अंचल से जुड़े औद्योगिक क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे इस पूरे इलाके के तेजी से विकसित होने और व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार की प्रबल संभावना है.
- विकास योजना-2047 के तहत फैसला : ‘विकास योजना-2047’ के प्रारूप की अधिसूचना जारी कर दी गई है, जिसके तहत इस विशेष क्षेत्र में भूमि के क्रय-विक्रय और हस्तांतरण पर लगी रोक को समाप्त किया गया है.
- मंत्री नीतीश मिश्रा की जानकारी : नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि 31 जुलाई को बिहार शहरी योजना तथा विकास बोर्ड की 14वीं बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया था.
60 दिनों का आपत्तियों और सुझावों का समय: सरकार ने विकास योजना के प्रारूप को राजपत्र में प्रकाशित कर दिया है. इस पर अगले 60 दिनों तक आम नागरिक और हितधारक अपनी आपत्तियां और सुझाव दे सकेंगे. इन सुझावों पर विचार करने के बाद ही विकास योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा.
स्थानीय स्तर पर उत्साह और क्षेत्र के विकास को लेकर आश्वासन
सरकार द्वारा जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक हटाने और धनुरुआ समेत पूरे क्षेत्र को आधुनिक तर्ज पर विकसित करने की घोषणा से स्थानीय लोगों और भू-स्वामियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है. लोगों का मानना है कि इस योजना के धरातल पर उतरने से न सिर्फ इलाके की तस्वीर बदलेगी, बल्कि रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के मामले में यह क्षेत्र एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा. स्थानीय लोग इस विकास को लेकर पूरी तरह आश्वस्त और निश्चित नजर आ रहे हैं.
राज्य में 12 सेटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की है योजना
पटना, सोनपुर, छपरा, सीतामढ़ी, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया, मुंगेर, गयाजी और रोहतास के डेहरी में सेटेलाइट सिटी बसाई जानी है. इस साल अप्रैल में हुई इस घोषणा के बाद से ही पाटलिपुत्र समेत सभी टाउनशिप की जमीन-खरीद बिक्री पर रोक लगा दी गई थी. अभी सिर्फ पाटलिपुत्र टाउनशिप के लिए जमीन-खरीद बिक्री करने की अनुमति मिली है. अन्य टाउनशिप के प्रारूप का काम जारी है.


