भुवनेश्वर. ओडिशा के प्रशासनिक और वन विभाग से भ्रष्टाचार का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। ओडिशा सतर्कता विभाग (विजिलेंस) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भुवनेश्वर के सिटी फॉरेस्ट डिवीजन के अंतर्गत फुलनखरा रेंज की डिप्टी रेंजर मौसमी बेहेरा को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। विजिलेंस टीम की इस अचानक की गई कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला फुलनखरा रेंज में किए गए पौधारोपण कार्यों के बिल भुगतान से जुड़ा हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार, जुलाई से सितंबर 2026 के बीच तीन अलग-अलग स्थानों पर पौधारोपण और उनके रखरखाव (सुरक्षा, सिंचाई और खाद डालने) का काम किया गया था। इन कार्यों से संबंधित बिल पास कराने के एवज में आरोपी डिप्टी रेंजर मौसमी बेहेरा ने एक कर्मचारी से एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
इतना ही नहीं, अधिकारी द्वारा यह भी धमकी दी गई थी कि यदि रिश्वत की रकम नहीं दी गई, तो आगामी महीनों के बिल भी जारी नहीं किए जाएंगे। पीड़ित कर्मचारी रिश्वत देने में असमर्थ था, इसलिए उसने इसकी शिकायत सीधे विजिलेंस अधिकारियों से कर दी।
विजिलेंस का जाल और गिरफ्तारी
शिकायत मिलने के बाद ओडिशा सतर्कता विभाग ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। गुरुवार को विजिलेंस टीम ने उसी रेंज के एक कर्मचारी से रिश्वत की पूरी रकम लेते हुए डिप्टी रेंजर को रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपी के कब्जे से रिश्वत के पूरे एक लाख रुपये बरामद कर जब्त कर लिए गए हैं।
इस सिलसिले में विजिलेंस सेल थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संशोधित धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी अधिकारी की आय से अधिक संपत्ति (DA) के मामलों की जांच के लिए उनके दो ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान भी चलाया जा रहा है। इस सख्त कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारियों में भारी खौफ का माहौल है।


