आरा (भोजपुर): बिहार के आरा शहर में पुराना विवाद एक बार फिर हिंसक रूप ले चुका है। नवादा थाना क्षेत्र के मौलाबाग स्थित डीके कार्मेल स्कूल के समीप मंगलवार की रात बाइक सवार दो बेखौफ बदमाशों ने एक युवक पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस हमले में होमगार्ड जवान का बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रारंभिक जांच और पीड़ित पक्ष के बयानों से इस घटना को करीब सात महीने पहले हुए चर्चित आदर्श कुमार हत्याकांड से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस इसे बदले की कार्रवाई (प्रतिशोध) के एंगल से मानकर गहराई से छानबीन कर रही है।
होटल जा रहा था युवक, तभी घात लगाए बैठे थे बदमाश
घायल युवक की पहचान मौलाबाग वार्ड संख्या 13 निवासी अमरजीत कुमार यादव (33) के रूप में हुई है। उसके पिता संजय यादव होमगार्ड के जवान हैं और आरा नगर निगम में वाहन चलाते हैं। घटना के संबंध में घायल अमरजीत ने पुलिस को बताया कि वह मंगलवार की रात अपनी बाइक से किसी होटल में खाना खाने के लिए निकल रहा था। जैसे ही वह डीके कार्मेल स्कूल के पास पहुंचा, स्पलेंडर बाइक पर सवार दो हथियारबंद बदमाश वहां आ धमके और उस पर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।
इस जानलेवा हमले में एक गोली अमरजीत के कंधे के पास लगी, जबकि दूसरी गोली उसके सिर के बेहद करीब से निकल गई। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। किसी तरह जान बचाकर अमरजीत अपने घर पहुंचा और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद हड़कंप मच गया। परिजन तुरंत उसे आरा सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका इलाज जारी है।
आदर्श हत्याकांड से जुड़ा है खूनी संघर्ष का इतिहास
इस सनसनीखेज वारदात के पीछे करीब सात महीने पुराने एक हत्याकांड की रंजिश सामने आ रही है। गत 2 मार्च 2026 को मौलाबाग मोहल्ले में बिहिया थाना क्षेत्र के झौआ गांव निवासी 17 वर्षीय आदर्श कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस मामले में आदर्श की मां अनुराधा देवी के बयान पर अमरजीत यादव, उसके भाइयों, नवनीत यादव उर्फ लोहा यादव और मंजीत यादव, सहित कुल छह लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था। अमरजीत का दावा है कि उसके परिवार का इस हत्या से कोई लेना-देना नहीं है और उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया है। इस मामले में उसका भाई लोहा यादव फिलहाल जेल में बंद है।
इंस्टाग्राम ग्रुप कॉल से शुरू हुआ था विवाद
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि आदर्श हत्याकांड की मुख्य वजह सोशल मीडिया पर हुआ मामूली विवाद था। इंस्टाग्राम पर एक ग्रुप कॉलिंग के दौरान मृतक आदर्श और नवनीत यादव उर्फ लोहा यादव के बीच तीखी नोकझोंक और गाली-गलौज हुई थी। इसी ऑनलाइन विवाद ने बाद में खूनी रूप ले लिया और आदर्श की हत्या कर दी गई। अब इस पुराने मामले के सात महीने बाद आदर्श के पक्ष या उससे जुड़े लोगों द्वारा प्रतिशोध की भावना से अमरजीत पर हमला किए जाने की प्रबल आशंका जताई जा रही है।
पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी जारी
घटना की सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ-1 सुशील कुमार तुरंत आरा सदर अस्पताल पहुंचे और घायल अमरजीत से मिलकर पूरे मामले की जानकारी ली। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित ने पुरानी रंजिश और प्रतिशोध में हमला किए जाने की आशंका जताई है तथा कुछ संदिग्धों के नाम भी बताए हैं। पुलिस आरोपियों की पहचान करने और उनकी गिरफ्तारी के लिए शहर के संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है। हालांकि, पुलिस का यह भी कहना है कि हमले की असली वजह और इसमें शामिल अन्य चेहरों की आधिकारिक पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी। इस घटना के बाद से इलाके में एक बार फिर दहशत और तनाव का माहौल है।


