नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में आयोजित विजयादशमी समारोह में हिस्सा लेकर देशवासियों को इस पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने देश की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सत्ता का उद्देश्य हमेशा जनकल्याण होना चाहिए।
समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “इस देश ने, इसकी संस्कृति ने और इसके पूर्वजों ने हजारों वर्षों से प्रभु श्रीराम की उपासना की है। ये आस्था केवल इसलिए नहीं है कि श्रीराम ने राक्षस राज रावण का अंत किया था, बल्कि इसलिए भी है क्योंकि प्रभु राम ने हमें ऐसे आदर्श दिए जो मानवता के इतिहास में अतुलनीय हैं।”
इस अवसर पर पीएम मोदी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर देशवासियों को बधाई देते हुए लिखा:
“विजयादशमी का यह पावन पर्व आप सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए। सत्य और धर्म की विजय का यह प्रतीक हमें सदा सही रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता रहे। जय श्री राम!”
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आज भारत का कोना-कोना राममय है और गांव-गांव से लेकर शहर-शहर तक रामलीला के आयोजनों में देश डूबा हुआ है। देशभर में इन रामलीलाओं का मंचन प्रभु श्री राम के आदर्शों को जीवंत रखने की हमारी महान परंपरा का हिस्सा है।
दशहरे के इस पावन अवसर पर देश भर में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दिल्ली के द्वारका में आयोजित रामलीला कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जहाँ मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौजूद रहीं। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब के लुधियाना में रावण दहन किया। विजयादशमी का यह पर्व हमें अहंकार और बुराई का त्याग कर हमेशा सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।


