आरा (बिहार). बिहार में कानून-व्यवस्था के दावों की एक बार फिर से पोल खुल गई है. भोजपुर जिले के आरा शहर में बदमाशों ने दुस्साहस की सारी हदें पार करते हुए जैन कॉलेज के पास मॉर्निंग वॉक पर निकले 70 वर्षीय रिटायर्ड कस्टम अधिकारी राम कुमार सिंह की ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर निर्मम हत्या कर दी. दिनदहाड़े हुई इस सनसनीखेज वारदात ने सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर और बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
घटना के मुताबिक, रोज़ की तरह राम कुमार सिंह गुरुवार की सुबह टहलने के लिए निकले थे. तभी घात लगाए बैठे हथियारबंद अपराधियों ने उन्हें घेर लिया और बेहद करीब से आठ गोलियां दाग दीं. गंभीर रूप से घायल अवस्था में अस्पताल ले जाने के दौरान उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया. शुरुआती जांच में मामला जमीन विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है, लेकिन सवाल यह है कि क्या अपराधियों के मन से कानून का डर पूरी तरह समाप्त हो चुका है? एक वरिष्ठ और प्रतिष्ठित सेवानिवृत्त अधिकारी का यूं सरेआम कत्ल होना प्रशासनिक मुस्तैदी पर बड़ा तंज है.
मृतक राम कुमार सिंह न केवल एक पूर्व सरकारी अधिकारी थे, बल्कि वह शहर के सक्रिय सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यों से भी जुड़े हुए थे. वह क्षेत्रीय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष, नगर रामलीला समिति ट्रस्ट के ट्रस्टी और सनातनी गंगा फाउंडेशन के कार्यकारिणी सदस्य भी थे. ऐसे प्रतिष्ठित व्यक्ति की इस प्रकार हत्या होना शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मुंह चिढ़ाता है.
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाने और जांच में जुट गई है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. हालांकि, हर बार की तरह घटना के बाद केवल कागजी कार्रवाई और जांच के आश्वासन दिए जा रहे हैं. जनता अब प्रशासन से कड़े एक्शन की मांग कर रही है, क्योंकि बढ़ते अपराध और बेखौफ बदमाशों ने आम जनता का चैन छीन लिया है. सरकार के तमाम सुरक्षा दावों के बीच इस तरह की घटनाएं राज्य की कानून-व्यवस्था को कठघरे में खड़ा करती हैं.


