पटना के फुलवारी शरीफ में दहलाने वाली वारदात, अवैध संबंधों के शक और जमीन विवाद के बीच चाचा ने भतीजे को मारी छह गोलियां, रिश्तों का खौफनाक अंत
पटना. बिहार की राजधानी पटना के फुलवारी शरीफ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बभनपुरा गांव से एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाली वारदात सामने आई है। यहां फुलवारी शरीफ के बभनपुरा में आपसी रंजिश, जमीन विवाद और कथित अवैध संबंधों के चलते एक चाचा ने अपने ही 30 वर्षीय भतीजे को गोलियों से भून डाला। इस खौफनाक घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैली हुई है और लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

क्या है पूरी घटना?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना मंगलवार की सुबह की है। बभनपुरा गांव निवासी ललन शर्मा ने अचानक अपने घर से पिस्टल निकाली और अपने भतीजे दीपक कुमार पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। आरोपी ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए दीपक के सीने और शरीर पर एक के बाद एक छह गोलियां उतार दीं। गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका दहल उठा। गंभीर रूप से घायल दीपक कुमार ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी हथियार लेकर तुरंत घटनास्थल से फरार हो गया।
हत्या की वजह: अवैध संबंध या जमीन विवाद?
इस सनसनीखेज वारदात के सामने आने के बाद शुरुआती दौर में मुख्य वजह जमीन विवाद को माना जा रहा था। हालांकि, जैसे-जैसे पुलिस की जांच आगे बढ़ी, इस मामले में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आ गया। आरोपी ललन शर्मा की पत्नी ने पुलिस के सामने एक बड़ा खुलासा करते हुए दावा किया है कि उसके पति ललन शर्मा और मृतक दीपक कुमार की पत्नी कविता देवी के बीच कथित अवैध संबंध थे।
आरोपी की पत्नी का कहना है कि मृतक दीपक अपनी पत्नी कविता देवी और अपने चाचा ललन शर्मा के बीच चल रहे इस अवैध रिश्ते का कड़ा विरोध करता था। इसी बात को लेकर अक्सर परिवार में कहासुनी और विवाद होता रहता था। पुलिस अब इस एंगल को भी हत्या की मुख्य वजह मानकर गंभीरता से जांच कर रही है, हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जमीन विवाद के पहलू को भी पूरी तरह से नकारा नहीं गया है।
मृतक और आरोपी का आपराधिक इतिहास
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में यह भी सामने आया है कि इस घटना के केंद्र में रहे चाचा और भतीजा दोनों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। आरोपी ललन शर्मा पर पूर्व में धोखाधड़ी के मामलों में जेल जाने की जानकारी मिली है। वहीं, दूसरी ओर मृतक दीपक कुमार भी एक हत्या के मामले में जेल की सजा काट चुका था। बताया जाता है कि दीपक करीब चार-पांच साल तक जेल में रहने के बाद बाहर आया था। पुलिस इन दोनों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और इनके बीच के आपसी विवादों की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और वैज्ञानिक जांच
वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। फुलवारी शरीफ के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नारायण उपाध्याय और थानाध्यक्ष गुलाम मोहम्मद शाहबाज आलम भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर एफएसएल (FSL) की टीम को बुलाया, जिसने मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर सुबह करीब 9:50 बजे पोस्टमार्टम के लिए एम्स पटना भेज दिया गया।
पुलिस इस मामले में गहनता से तफ्तीश कर रही है। घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह पूरी वारदात घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है, जिसकी फुटेज से पुलिस को आरोपियों के मूवमेंट और घटना के वक्त की परिस्थितियों को समझने में काफी मदद मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, पुलिस ने आरोपी ललन शर्मा की पत्नी और बेटी को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वारदात में और कौन-कौन लोग शामिल थे और आरोपी फरार होने के बाद कहां छिपा है।
इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एफएसएल रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और परिजनों के बयानों के आधार पर हत्या के असल कारणों का पूरी तरह खुलासा कर जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


