पटना. बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक अत्यंत झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। शिवहर-मोतिहारी सीमा क्षेत्र के अंतर्गत मधुबन थाना इलाके में कुछ उपद्रवी दरिंदों ने इंसानियत की सभी सीमाओं को लांघते हुए एक दंपती को अपना शिकार बनाया। अपराधियों ने पति के साथ बाइक पर सवार होकर जा रही एक महिला को जबरन अगवा कर लिया और फिर एक आम के बगीचे में बंधक बनाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म जैसी घृणित वारदात को अंजाम दिया।
यह घटना न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज की उस विकृत मानसिकता को भी उजागर करती है जहां अपराधियों में कानून का कोई खौफ नहीं बचा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जब यह पीड़ित दंपती आपसी कार्य से बाइक पर सवार होकर मधुबन की ओर आ रहा था, तभी रास्ते में शिवहर के भटहां के समीप कुछ बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। जब पति ने इसका विरोध किया, तो इन निर्मम बदमाशों ने दोनों के साथ मारपीट की और उन्हें जबरन एक सुनसान आम के बगीचे में खींच ले गए।
दरिंदगी का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका। हैवानों ने इस अमानवीय कृत्य का वीडियो भी अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया, ताकि वे भविष्य में पीड़ितों को ब्लैकमेल कर सकें। इतना ही नहीं, अपराधियों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए महिला के पति के मोबाइल से ऑनलाइन तीन हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए और उनके पास मौजूद 50 हजार रुपये नकद भी जबरन छीन लिए।
करीब रात के तीन बजे तक इन बदमाशों ने दंपती को बंधक बनाकर रखा और तमाम यातनाएं दीं। इसके बाद उन्हें मुक्त किया गया। इस खौफनाक और भयावह अनुभव के बाद भी पीड़ित दंपती ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने तुरंत डायल 112 की मदद ली और श्यामपुर भटहां थाने पहुंचकर पुलिस को इस पूरी वारदात की जानकारी दी।
चूंकि घटनास्थल मधुबन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता था, इसलिए मामले को तुरंत मधुबन पुलिस को सौंपा गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पकड़ीदयाल डीएसपी कुमार चंदन और मधुबन थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार पांडेय के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन हरकत में आया। पुलिस टीम ने त्वरित और सराहनीय कार्रवाई करते हुए इस मामले में संलिप्त आठ मुख्य आरोपियों को धर दबोचा है। इसके साथ ही अपराधियों के पास से छह मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, जिनसे इस जघन्य अपराध से जुड़े डिजिटल सबूत खंगाले जा रहे हैं।
यह घटना एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करती है कि महिलाओं की सुरक्षा के मोर्चे पर अभी समाज और प्रशासन दोनों को बेहद कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है। दिन-प्रतिदिन घटित होने वाली ऐसी घटनाएं संवेदनशील नागरिकों के दिल को दहला देती हैं। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और आरोपियों को उनके किए की ऐसी सजा मिलने की उम्मीद की जा रही है, जो भविष्य में किसी अन्य अपराधी के मन में ऐसा घिनौना कृत्य करने से पहले खौफ पैदा करे।


