- मुंबई में नीदरलैंड्स महावाणिज्य दूतावास में रहे वरिष्ठ सलाहकार, नवंबर में लंदन में विकास नेतृत्व संवाद कार्यक्रम में होंगे शामिल
बैतूल के कौस्तुभ परिहार ने भारत में स्विट्जरलैंड दूतावास में आर्थिक सलाहकार के रूप में कार्यभार संभाल लिया है. इस दायित्व में वे भारत और स्विट्जरलैंड के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में कार्य करेंगे. उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ और भारत के बीच हुए व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते से जुड़े विषय भी शामिल हैं.
बैतूल से दिल्ली तक का सफर
कौस्तुभ की प्रारंभिक शिक्षा बैतूल में ही हुई. उन्होंने दसवीं तक की पढ़ाई विनायकम अग्रसेन विद्यालय, बैतूल से की. इसके बाद श्री बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग, बैतूल से स्थापत्य अभियांत्रिकी (सिविल इंजीनियरिंग) में स्नातक की उपाधि प्राप्त की. उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, नई दिल्ली से नगर नियोजन में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की.
इसके अतिरिक्त, उन्होंने नीदरलैंड्स के आईएचई डेल्फ्ट से युवा राजनयिक कार्यक्रम तथा अमेरिका के येल विश्वविद्यालय से जलवायु नेतृत्व कार्यक्रम पूरा किया है. इस शैक्षणिक पृष्ठभूमि और अंतरराष्ट्रीय अनुभव ने उन्हें शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण, जलवायु नेतृत्व और आर्थिक कूटनीति जैसे क्षेत्रों में व्यापक दृष्टिकोण प्रदान किया है.
स्विट्जरलैंड दूतावास से जुड़ने से पूर्व कौस्तुभ मुंबई स्थित नीदरलैंड्स के महावाणिज्य दूतावास में वरिष्ठ सलाहकार (आर्थिक कूटनीति) के पद पर कार्यरत थे. वहाँ उन्होंने व्यापार, निवेश और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य किए. सामाजिक सेवा, सतत विकास, पर्यावरण नियोजन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्र में उन्हें नौ वर्षों से अधिक का अनुभव है.
लंदन में अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए चयन
कौस्तुभ का चयन नवंबर माह में लंदन विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज़ (SOAS) में आयोजित होने वाले विकास नेतृत्व संवाद कार्यक्रम के लिए हुआ है. इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम के लिए विश्वभर से केवल 10 प्रतिभागियों को चुना गया है, जो विकास एवं नेतृत्व के क्षेत्र में उनकी क्षमता का प्रमाण है.
भारत-यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ समझौते का महत्व
यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ और भारत के बीच हुए व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते के अंतर्गत आगामी 15 वर्षों में भारत में 100 अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹9.63 लाख करोड़) के निवेश की प्रतिबद्धता जताई गई है. इसका लक्ष्य देश में लगभग 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार अवसरों का सृजन करना है. स्विट्जरलैंड सहित यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ के चार देश इस समझौते का हिस्सा हैं.
इसी सप्ताह नई दिल्ली में इस समझौते के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विशेष आयोजन प्रस्तावित है. इसमें स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति की प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू से भेंट भी प्रस्तावित है. इस आयोजन को भारत और स्विट्जरलैंड सहित यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ के देशों के बीच आर्थिक, व्यापारिक और कूटनीतिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
परिवार में हर्ष
इस उपलब्धि से बैतूल और कौस्तुभ के परिवार में खुशी एवं गर्व का वातावरण है. कौस्तुभ इस उपलब्धि का श्रेय स्वर्गीय दादा श्री रामरतन परिहार, स्व. दादी , माता श्रीमती विजय लक्ष्मी और पिता श्री प्रमोद परिहार के आशीर्वाद और संस्कारों के साथ सभी वरिष्ठ परिजनों एवं शिक्षकों से मिले सहयोग और मार्गदर्शन को देते हैं . कौस्तुभ की यह सफलता पूरे परिवार , मित्रों, परिचितों और अंचल के लिए गर्व का क्षण है.
वीके पालीवाल, बैतूल



