पटना. बिहार में सरकारी टेंडरों में कथित कमीशनखोरी के मामले में SVU यानी स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने अपनी जांच तेज कर दी है. मामले के मुख्य आरोपी रिशुश्री की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसी उन अधिकारियों और लोगों तक पहुंच रही है, जिनका नाम पूछताछ के दौरान सामने आया है. इसी क्रम में निलंबित IAS अधिकारी योगेश सागर और अभिलाषा शर्मा के आवासों पर जांच की गई. वहीं रिशुश्री से जुड़ी कंपनी मातृस्वा इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक पवन कुमार के घर पर भी छापेमारी की गई.
एसवीयू की टीम ने बेली रोड स्थित IAS अधिकारी अभिलाषा शर्मा के सरकारी आवास पर पहुंचकर कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की. जांच एजेंसी ने उनसे विदेश यात्राओं से जुड़े कागजात, पासपोर्ट और यात्रा खर्च का पूरा विवरण मांगा है. सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से यह चर्चा थी कि अभिलाषा शर्मा विदेश यात्रा पर गई थीं. हालांकि अब तक जांच एजेंसी को उनके विदेश जाने से संबंधित स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले हैं. इसी कारण उनके पासपोर्ट और यात्रा रिकॉर्ड की जांच की जा रही है. इसके अलावा एसवीयू यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उनकी पर्यटन यात्राओं का खर्च किसने उठाया था. आरोप है कि इन यात्राओं को रिशुश्री द्वारा प्रायोजित किया गया हो सकता है. जांच टीम यह भी देख रही है कि अभिलाषा शर्मा ऐसे पदों पर तैनात रही थीं या नहीं, जहां से रिशुश्री को सरकारी कामों में लाभ मिल सकता था.
जांच एजेंसी रिशुश्री की डायरी में दर्ज उपहारों और अन्य लेन-देन की जानकारी की भी पड़ताल कर रही है. अधिकारियों का प्रयास है कि यह पता लगाया जाए कि डायरी में जिन उपहारों का उल्लेख किया गया है, वे वास्तव में संबंधित अधिकारियों को दिए गए थे या नहीं.
निलंबित IAS अधिकारी योगेश सागर के आईएएस कॉलोनी स्थित आवास पर भी एसवीयू की टीम पहुंची. यहां अधिकारियों ने कई दस्तावेजों की जांच की और उनसे जुड़े रिकॉर्ड खंगाले. जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि जिन विभागों या पदों पर योगेश सागर तैनात रहे, वहां रिशुश्री का नेटवर्क किस प्रकार काम कर रहा था. साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि सरकारी टेंडरों में किसी प्रकार का अनुचित लाभ तो नहीं पहुंचाया गया. सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी करीब दो दर्जन सवालों की सूची के साथ उनके आवास पर पहुंची थी. इन सवालों के जरिए रिशुश्री और योगेश सागर के बीच संभावित संबंधों की जांच की जा रही है.
रिशुश्री की गिरफ्तारी के बाद ही अभिलाषा शर्मा और योगेश सागर को निलंबित कर दिया गया था. बताया गया था कि रिशुश्री के मोबाइल चैट और डायरी में दोनों अधिकारियों का उल्लेख “भैया” और “दीदी” के रूप में किया गया था. गौरतलब है कि निलंबन से पहले दोनों अधिकारियों को कोई शोकॉज नोटिस जारी नहीं किया गया था और न ही उस समय इस मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज हुई थी. अब लगभग 20 दिन बाद जांच एजेंसी ने उनके आवासों पर पहुंचकर विस्तृत पूछताछ और दस्तावेजों की जांच शुरू की है.
रिशुश्री की गिरफ्तारी के बाद ही यह बात सामने आई थी कि मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज उसकी कंपनी मातृस्वा इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़े लोगों के पास हो सकते हैं. इसके बावजूद कंपनी के निदेशक पवन कुमार के घर पर एसवीयू की टीम अब पहुंची है. टीम ने उनके आवास पर कंपनी से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है. विशेष रूप से सरकारी टेंडरों, भुगतान, अनुबंध और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है.

