1 सितंबर से देश में कई महत्वपूर्ण वित्तीय और बैंकिंग नियमों में बड़ा फेरबदल होने जा रहा है. इन बदलावों का सीधा असर आम जनता के मासिक बजट, रसोई के खर्च, बैंकिंग सेवाओं और शेयर बाजार निवेश पर पड़ेगा. अगर आपने समय रहते तैयारी नहीं की, तो आपको वित्तीय नुकसान या सेवाओं में रुकावट का सामना करना पड़ सकता है.
LPG रसोई गैस उपभोक्ताए ई-केवाईसी की आखिरी समयसीमा
subsidy पर संकट: इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और बीपीसीएल जैसी तेल कंपनियों ने सभी एलपीजी ग्राहकों के लिए 31 अगस्त तक ई-केवाईसी (E-KYC) प्रक्रिया पूरा करना अनिवार्य कर दिया है.
सप्लाई में रुकावट: यदि ग्राहक समय रहते केवाईसी नहीं कराते हैं, तो 1 सितंबर से घरेलू सब्सिडी या रियायती दरों पर सिलेंडर मिलने में परेशानी आ सकती है.
दामों में संशोधन: 1 सितंबर को तेल कंपनियां एलपीजी और कमर्शियल गैस सिलेंडर की नई दरें घोषित करेंगी, जिससे कीमतों में बदलाव संभव है.
बैंक एफडी (FD) निवेशक, ब्याज दरों में फेरबदल
रिटर्न पर असर: देश के कई प्रमुख वाणिज्यिक बैंक 1 सितंबर से फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों को संशोधित करने जा रहे हैं.
नया निवेश करने से पहले जांचें: ब्याज दरों में कटौती या बढ़ोतरी का सीधा असर जमाकर्ताओं को मिलने वाले कुल रिटर्न पर पड़ेगा. इसलिए, नया फिक्स्ड डिपॉजिट खोलने से पहले विभिन्न बैंकों की मौजूदा दरों की तुलना अवश्य कर लें.
ATM खाताधारक, ट्रांजैक्शन शुल्क में बढ़ोतरी
निःशुल्क सीमा के बाद चार्ज: 1 सितंबर से बैंक एटीएम (ATM) लेनदेन से जुड़े शुल्क ढांचे को अपडेट कर रहे हैं.
अतिरिक्त निकासी पर जेब ढीली: महीने की निर्धारित फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट पार करने के बाद पैसे निकालने या गैर-वित्तीय (Non-financial) सेवाएं लेने पर ग्राहकों को पहले से अधिक सर्विस चार्ज देना पड़ सकता है.
गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ निवेशक, सेबी का नया नियम
पारदर्शी मूल्य निर्धारण: भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) 1 सितंबर से गोल्ड और सिल्वर ETF कारोबार के लिए नया प्राइसिंग मैकेनिज्म लागू कर रहा है.
सटीक बेंचमार्क कीमत: अब ईटीएफ की बेंचमार्क कीमत तय करने के लिए पिछले कारोबारी दिन के अंतिम 30 मिनट की औसतन ट्रेडिंग वॉल्यूम कीमत को आधार बनाया जाएगा, जिससे निवेशकों को बाजार दर के बेहद करीब और सटीक भाव मिलेगा.
शहरी परिवार, PNG नेटवर्क का विस्तार
पाइपलाइन कनेक्शन: सरकार 1 सितंबर से पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के बुनियादी ढांचे और नेटवर्क का दायरा बढ़ाने के लिए नई योजना प्रभावी कर रही है.
बिलिंग समस्याओं का समाधान: इस पहल से नए रिहायशी इलाकों तक गैस पाइपलाइन पहुंचेगी और उन पुराने उपभोक्ताओं की बिलिंग प्रक्रिया शुरू की जाएगी जो लंबे समय से रुकी हुई थी.





