नई दिल्ली: देश की सियासत को गरमाने वाले नीट पेपर लीक विवाद और दिल्ली की सड़कों पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए संसदीय दल की बैठक (‘मंगल मिलन’) में बेहद कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है. संसद की लाइब्रेरी बिल्डिंग के जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में हुई इस अहम बैठक में पीएम मोदी ने साफ कर दिया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा. इसके साथ ही उन्होंने तल्ख लहजे में राजनीतिक दलों और आंदोलनों की आड़ में छात्रों को गुमराह करने वालों को भी आड़े हाथों लिया.
एनडीए बैठक की बड़ी बातें
गुमराह करने पर रोक: पीएम मोदी की दो-टूक, कहा—बच्चों को भड़काने के बजाय उन्हें सही रास्ता दिखाएं.
- भविष्य की सुरक्षा: नीट पुनर्परीक्षा को प्राथमिकता, सरकार का संकल्प कि किसी भी ईमानदार छात्र का करियर दांव पर नहीं लगेगा.
- ज़ीरो टॉलरेंस नीति: पेपर लीक की पुनरावृत्ति किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं, दोषियों पर होगी सबसे कठोर कानूनी कार्रवाई.
गलत रास्ते पर चलना आसान, लेकिन वापसी मुश्किल : प्रधानमंत्री
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने ‘मंगल मिलन’ बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री ने लगभग 5 मिनट तक सीधे नीट पेपर लीक के मुद्दे पर बात की. प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, “गलत रास्ते पर चलना बहुत आसान होता है, लेकिन उस रास्ते से वापस लौटना कहीं ज़्यादा मुश्किल है. हमारी यह नैतिक जिम्मेदारी है कि हम युवाओं और छात्रों को सही दिशा दिखाएं, न कि उन्हें भड़काएं.”
राजनीतिक गलियारों में पीएम मोदी के इस बयान को उन ताकतों के लिए एक सीधा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है जो इस संवेदनशील मुद्दे का इस्तेमाल अपनी रोटियां सेकने के लिए कर रहे हैं.
पेपर लीक पर सरकार का कड़ा एक्शन प्लान
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि इस पूरे प्रकरण में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने संसद में दो टूक शब्दों में कहा कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए सिस्टम में कड़े सुधार किए जा रहे हैं. छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे, इसके लिए बिना किसी देरी के त्वरित कदम उठाए गए हैं और आगे भी हर स्तर पर पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है.
नीट पेपर लीक और उसके बाद राजधानी दिल्ली में मचे सियासी बवाल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह बयान सरकार के कड़े रुख और संवेदनशीलता दोनों को उजागर करता है. जहां एक ओर सरकार आरोपियों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसने में जुटी है, वहीं दूसरी ओर युवाओं से संयम बरतने और गुमराह न होने की अपील की गई है. आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी सरगर्मी और तेज होने के पूरे आसार हैं, लेकिन सरकार ने अपनी मंफ़ा साफ कर दी है कि छात्रहित सर्वोपरि है और भ्रष्टाचार या लापरवाही के लिए कोई जगह नहीं होगी.
- जमशेदपुर BJP में ‘आल इज नॉट वेल’, आधा दर्जन मंडलों में बगावत के सुर, ‘डैमेज कंट्रोल’ के लिए मैदान में उतरेंगे पूर्व CM रघुवर दास - July 22, 2026
- Breaking : हवा में डगमगाया एयर इंडिया का विमान, दिल्ली की जगह हरियाणा पहुंचा, आधे घंटे पहले करानी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग - July 21, 2026
- NEET Paper Leak: ‘बच्चों को भड़काएं नहीं, सही रास्ता दिखाएं…’ एनडीए की बैठक में पीएम मोदी का बड़ा और कड़ा संदेश - July 21, 2026





