Close Menu
Ocean PostOcean Post
  • होम
  • झारखंड
    • विचार
    • स्वास्थ्य
  • बिहार
  • रेलवे
  • राजनीति
  • कारोबार
  • देश/दुनिया
  • मीडिया
  • ओसियन स्पेशल
Facebook X (Twitter) Instagram Threads
Ocean PostOcean Post
  • होम
  • झारखंड
    • विचार
    • स्वास्थ्य
  • बिहार
  • रेलवे
  • राजनीति
  • कारोबार
  • देश/दुनिया
  • मीडिया
  • ओसियन स्पेशल
Ocean PostOcean Post
  • होम
  • झारखंड
  • बिहार
  • रेलवे
  • राजनीति
  • कारोबार
  • देश/दुनिया
  • मीडिया
  • ओसियन स्पेशल
Home » आरजेडी का ‘संकटमोचक’ ही रूठा, मृत्युंजय तिवारी ने छोड़ी लालटेन, तेजस्वी की ‘मजबूरी’ पर खड़े किए बड़े सवाल
राजनीति

आरजेडी का ‘संकटमोचक’ ही रूठा, मृत्युंजय तिवारी ने छोड़ी लालटेन, तेजस्वी की ‘मजबूरी’ पर खड़े किए बड़े सवाल

Ocean News DeskBy Ocean News DeskJuly 17, 2026
Share Facebook Twitter WhatsApp Telegram Copy Link
Share
Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

पटना: बिहार की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का प्रमुख चेहरा और दशकों तक पार्टी का पक्ष मजबूती से रखने वाले वरिष्ठ नेता मृत्युंजय तिवारी ने आरजेडी से इस्तीफा दे दिया है.

उन्होंने बिहार आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल से मुलाकात कर पार्टी के प्रवक्ता सहित अपने सभी सांगठनिक पदों से त्यागपत्र सौंप दिया. इस बड़े फैसले के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में अपना दर्द साझा किया, जिसने बिहार के सियासी गलियारों में एक नई हलचल पैदा कर दी है.

‘समर्पित कार्यकर्ताओं का नहीं बचा सम्मान’

मृत्युंजय तिवारी ने बेहद भावुक और निराश होकर कहा कि उन्होंने पार्टी के लिए हमेशा पूरी निष्ठा और अनुशासन के साथ काम किया. सबसे कठिन दौर में भी वह पार्टी के साथ चट्टान की तरह खड़े रहे. उन्होंने भारी मन से कहा:

“अब पार्टी में मेरे जैसे समर्पित और पुराने कार्यकर्ताओं के लिए सम्मान नहीं बचा था. ऐसे उपेक्षित माहौल में काम करना बिल्कुल संभव नहीं था.”

उन्होंने यह भी साफ किया कि वह पिछले छह-सात महीनों से लगातार खुद को पार्टी के भीतर अलग-थलग महसूस कर रहे थे. उन्होंने इसकी शिकायत कई वरिष्ठ नेताओं से भी की, लेकिन किसी ने उनकी सुध नहीं ली.

तेजस्वी यादव सब जानते थे, पर…

इस्तीफे के बाद सबसे बड़ा हमला मृत्युंजय तिवारी ने पार्टी के आंतरिक तंत्र पर किया है. उन्होंने सीधे तौर पर कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव का नाम लेते हुए कहा कि तेजस्वी उनकी नाराजगी और चिंताओं को अच्छी तरह से जानते थे. तिवारी ने कहा, “तेजस्वी यादव मेरी बात समझते थे, लेकिन उनकी क्या मजबूरी है, यह मैं नहीं जानता.”

उन्होंने किसी खास नेता का नाम लेने से तो साफ इनकार कर दिया, लेकिन यह इशारा जरूर किया कि पार्टी में पिछले कुछ समय से ऐसे लोगों का प्रभाव बढ़ गया है जिनके सामने बड़े-बड़े दिग्गज नेता भी खुलकर बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं.

लालू-राबड़ी के दौर को किया याद

भावुक होते हुए तिवारी ने उस पुराने वक्त को याद किया जब लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने उन्हें साल 2014 में पार्टी का मीडिया प्रभारी और प्रवक्ता नियुक्त किया था. उन्होंने बताया कि एक बार जब उन्हें पद से हटाया गया था, तो खुद लालू और राबड़ी देवी ने उसी दिन उन्हें फिर से जिम्मेदारी सौंप दी थी. लेकिन इस बार स्थितियां बिल्कुल बदल चुकी थीं. उन्होंने बताया कि करीब एक महीने पहले तेजस्वी यादव के बेटे के जन्मदिन पर उनकी आखिरी मुलाकात हुई थी, लेकिन इस्तीफा देने के बाद से नेतृत्व की तरफ से कोई फोन या संपर्क नहीं किया गया है.

आगे की राह पर सस्पेंस बरक़रार

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले इसे आरजेडी के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है क्योंकि मृत्युंजय तिवारी टीवी डिबेट्स से लेकर जमीनी स्तर तक राजद का सबसे मुखर चेहरा थे. भविष्य की राजनीति और किसी दूसरी पार्टी में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने फिलहाल अपने पत्ते नहीं खोले हैं. उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि वे जनता के सेवक हैं और आखिरी सांस तक सेवा करते रहेंगे, आगे की रणनीति का फैसला समय आने पर होगा.

Mrityunjay Tiwari RJD आरजेडी इस्तीफा तेजस्वी यादव बिहार राजनीति मृत्युंजय तिवारी राजद न्यूज़ लालू प्रसाद यादव
Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
Previous Articleजमशेदपुर में स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर! मूकदर्शक बना प्रशासन, एमजीएम के गलियारों में बेंच और फर्श पर तड़प रहे मरीज
Next Article नैनीताल में घूमने दोपहिया से गये तो लगेगा ‘एंट्री टैक्स’, पर्यटकों और स्थानीय लोगों ने खोला मोर्चा
Ocean News Desk
  • Website

Ocean Post का आधिकारिक News Desk, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और सबसे तेज़ ख़बरें पहुंचाने के लिए समर्पित है. हमारी अनुभवी एडिटोरियल टीम 24 घंटे देश-दुनिया, राजनीति, मनोरंजन, खेल और समसामयिक मुद्दों पर पैनी नज़र रखती है. हमारा प्रयास है कि पाठकों को भरोसेमंद और उच्च गुणवत्ता वाली जानकारी दी जा सके.

Related Posts

राजनीति

गिरिडीह उपचुनाव: दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू की विरासत संभालने राजनीति में उतरीं पत्नी श्वेता शर्मा

October 3, 2026
राजनीति

उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव 2026: बीजेपी ने तैयार किया 25 संभावित उम्मीदवारों का पैनल, कुमार विश्वास और स्मृति ईरानी के नाम पर चर्चा तेज

September 29, 2026
देश/दुनिया

‘क्या हुआ तेरा वादा, वो क़सम, वो इरादा’…‘देश पूछ रहा है मोदीजी ‘अच्छे दिन’ कहां गए? महंगाई को लेकर Congress का PM मोदी पर तंज

September 22, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

अभी-अभी

दुर्गाष्टमी पर सनातन की जय: दो दशक का अंधकार मिटा, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच परिवार की अपनी मूल जड़ों में भव्य घर वापसी

October 18, 2026

बच्चों के इंटरनेट अधिकार पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: पूर्ण प्रतिबंध नहीं, बल्कि सुरक्षा और नियमन है जरूरी

October 18, 2026

राहत की बड़ी खबर: कैंसर की 137 जीवनरक्षक दवाएं होंगी सस्ती, मुनाफा 30% तक सीमित; 9 नवंबर से लागू होंगी नई कीमतें

October 18, 2026

मानवता की बड़ी मिसाल: टाटा ट्रस्ट का ऐतिहासिक कदम, देश भर में खुलेंगे 50 गैर-लाभकारी अस्पताल

October 18, 2026

एसबीआई होम लोन महंगा: 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी से आपकी ईएमआई या लोन की अवधि पर पड़ेगा असर

October 18, 2026
Advertisement
Ocean Post
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
  • About Us oceanpost
  • Advertise With Us
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Contact
© 2026 Ocean Post. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.