Ranchi. कांग्रेस की झारखंड इकाई के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने सोमवार को कहा कि पार्टी ने जनगणना-2027 के दूसरे चरण की प्रश्नावली में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का स्तंभ शामिल करने की मांग को लेकर 16 सितंबर को लोक भवन तक मार्च निकालने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि इस मार्च में राज्य के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इसके बाद राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें केंद्र सरकार से जनगणना प्रपत्र में ओबीसी के लिए एक अलग स्तंभ शामिल करने का अनुरोध किया जाएगा।
पार्टी के एक बयान में कमलेश ने कहा, जाति जनगणना केवल आंकड़े जुटाने का मामला नहीं है, बल्कि यह देश में सामाजिक न्याय, समान अवसर और संसाधनों में उचित हिस्सेदारी सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। देश की आबादी का एक बड़ा हिस्सा ओबीसी समुदाय से ताल्लुक रखता है।
झारखंड में दो चरणों में कराई जा रही जनगणना
झारखंड में 2027 की जनगणना दो चरणों में कराई जा रही है। एक अधिकारी के मुताबिक, राज्य में जनगणना 2027 का पहला चरण इस वर्ष मई और जून में पूरा किया जा चुका है। इसमें मकानों का सूचीकरण करना और परिवारों के आंकड़े जुटाना शामिल था। वहीं, इसका दूसरा चरण अगले साल नौ फरवरी से 28 फरवरी के बीच आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनगणना के दूसरे चरण में जाति से संबंधित प्रश्न शामिल किए जाएंगे। कमलेश ने दावा किया कि जनगणना प्रश्नावली से ओबीसी स्तंभ को हटा दिया गया है।
राज्य कांग्रेस प्रमुख ने कहा, यदि जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग के समुदायों की सटीक सामाजिक और आर्थिक स्थिति दर्ज नहीं की जाती है, तो उनके अधिकारों और हिस्सेदारी से संबंधित नीतिगत निर्णय किस आधार पर लिए जाएंगे? उन्होंने कहा कि केंद्र को ओबीसी समुदाय से जुड़े इस सवाल का जवाब राजनीतिक नारों से नहीं बल्कि सटीक आंकड़ों और वास्तविक अधिकारों के आधार पर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनगणना में ओबीसी स्तंभ को शामिल करने के लिए कांग्रेस का संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक सामाजिक न्याय के इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता।


