Close Menu
Ocean PostOcean Post
  • होम
  • झारखंड
    • शिक्षा
    • स्वास्थ्य
  • बिहार
  • रेलवे
  • राजनीति
  • कारोबार
  • देश/दुनिया
  • मीडिया
  • ओसियन स्पेशल
Facebook X (Twitter) Instagram Threads
Ocean PostOcean Post
  • होम
  • झारखंड
    • शिक्षा
    • स्वास्थ्य
  • बिहार
  • रेलवे
  • राजनीति
  • कारोबार
  • देश/दुनिया
  • मीडिया
  • ओसियन स्पेशल
Ocean PostOcean Post
  • होम
  • झारखंड
  • बिहार
  • रेलवे
  • राजनीति
  • कारोबार
  • देश/दुनिया
  • मीडिया
  • ओसियन स्पेशल
Home » जमशदेपुर सदर अस्पताल की व्यवस्था ध्वस्त, दवा को तरस रहे मरीज, ट्रांसफर-टेंडर में व्यस्त है सिविल सर्जन !
ओसियन स्पेशल

जमशदेपुर सदर अस्पताल की व्यवस्था ध्वस्त, दवा को तरस रहे मरीज, ट्रांसफर-टेंडर में व्यस्त है सिविल सर्जन !

Ocean News DeskBy Ocean News DeskJune 10, 2026
Share Facebook Twitter WhatsApp Telegram Copy Link
जमशेदपुर सदर अस्पताल (फाइल फोटो)
Share
Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
  • फेब्रिकेटेड वार्ड में इलाज नहीं मिलने के कारण महिला मरीज की मौत, प्रबंधन संभाल रहा कंप्यूटर ऑपरेटर  
  • आयुष चिकित्सक के भरोसे चल रहा है आईसीयू और फैब्रिकेटेड वार्ड, मरीजों को नहीं मिल रहा मुकम्मल इलाज
  • टेक्नीशियन और डॉक्टर के नहीं रहने के कारण बंद हो गया डायलिसिस वार्ड, आईसीयू तक में डॉक्टर नहीं 
  • स्वास्थ्य मंत्री के करीबी होने का मिला फायदा, टेंडर करने वाले सिविल सर्जन ही करेंगे गोलमाल की जांच 

जमशेदपुर. सदर अस्पताल के फेब्रिकेटेड वार्ड में इलाज नहीं मिलने के कारण रविवार की रात महिला मरीज आशिता नंदी की मौत ने स्वास्थ्य सेवा और व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया है. मरीज की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया, और व्यवस्था पर कई सवाल उठा दिये. कहा कि जब इलाज की सुविधा नहीं थी तो मरीज को फेब्रिकेटेड वार्ड में क्यों भेजा गया? यहां रात के समय आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ राजेश की ड्यूटी थी, तो वह कहां गायब थे? परिजनों का आरोप था कि इलाज के अभाव में महिला मरीज आशिता नंदी की मौत हो गई है. यही नहीं छह जून की रात इमरजेंसी में आये मरीजों ने डॉक्टर के गायब रहने पर जमकर हंगामा किया था. उस समय डॉ अभिषेक की ड्यूटी थी जो वहां नहीं थे.

अनुभवहीन कंप्यूटर सहायक संभाल रहा है फेब्रिकेटेड अस्पताल की ऑपरेशनल जिम्मेदारी 

महिला मरीज की मौत सदर अस्पताल के उस फेब्रिकेटेड वार्ड में हुई है जहां की पूरी व्यवस्था सिविल सर्जन डॉ साहिर पाल ने अपने एक चहेते कंप्यूटर सहायक विमल कुमार मंडल को पूरी व्यवस्था की ऑपरेशनल जिम्मेदारी बतौर (हॉस्पीटल मैनेजर) सौंप दी है. न तो पर्याप्त अनुभव, न ही योग्यता, अब मरीज की मौत के बाद फेब्रिकेटेड वार्ड की पूरी व्यवस्था ही सवालों के घेरे में आ गयी है. सवाल यह उठाया जा रहा है कि आखिर रात की पाली में ऑन ड्यूटी डॉक्टर कहां थे?‍ ड्यूटी का प्रबंधन कौन कर रहा था? अगर यह चूक हुई तो इसके लिए कौन लोग जिम्मेवार हैं? सिविल सर्जन ने अब तक इस मामले में क्या कार्रवाई की है ?

अस्पताल में जरूरी दवा और उपकरणों तक का किल्लत, सीरिंज तक लाकर दे रहे मरीज 

हालांकि जमशेदपुर सदर अस्पताल में मरीज की मौत नयी बात नहीं है. सूत्रों का यहां तक कहना है कि बीते एक सप्ताह में सही इलाज के अभाव में तीन मरीजों की यहां जान चली गयी लेकिन सभी मामलों को सामान्य बताकर दबा दिया गया. अस्पताल की व्यवस्था बद से बदतर होती जा रही है. यहां ऑपरेशन थियेटर से लेकर दूसरे विभागों में सामान्य जरूरी दवाओं का अभाव है. डॉक्टरों को छोटे-छोटे उपकरण मास्क-हैंड गलब्स आदि नहीं मिल पा रहे हैं. हां, यह बात जरूर है कि सिविल सर्जन और उनकी टीम तबादला-पोस्टिंग और दवाओं की खरीद के लिए चहेती एजेंसियों को टेंडर देने की काफी तत्परता से काम रही है.

दवा खरीद में गोलमाल की चल रही जांच, रिजल्ट पर टिकी निगाहे 

बीते दिनों सदर अस्पताल में दवा खरीद में बड़ी गोलमाल की शिकायत भी सामने आयी जिसकी जांच प्रशासन के स्तर पर चल रही है. हालांकि अस्पताल और सिविल सर्जन कार्यालय के कर्मचारी ही यह मानते है कि इस जांच का परिणाम कुछ भी सामने नहीं आने वाला है क्योंकि टेंडर में अहम भूमिका निभाने वाले सिविल सर्जन को ही जांच कमेटी में शामिल कर लिया गया. ऐसे में प्रशासन की मंशा भी स्पष्ट हो चुकी है कि यह जांच ठंडे बस्ते में डाली जाने वाली है. कहां तो यहां तक जा रहा है वर्तमान सिविल सर्जन को सिर्फ स्वास्थ्य मंत्री की नजदीकी का फायदा मिल रहा है वरना स्वास्थ्य सेवाओं की ऐसी स्थिति बीते 15 साल में कभी नहीं हुई थी.

जानकारों की माने तो सदर अस्पताल का आईसीयू और फैब्रिकेटेड वार्ड आयुष चिकित्सक के भरोसे चल रहा है और डॉक्टर की लापरवाही से मरीज की मौत हो रही है, लेकिन इसे देखने वाला कोई नहीं है. सदर अस्पताल का डायलिसिस वार्ड, डायलिसिस टेक्नीशियन और डॉक्टर के नहीं रहने के कारण बंद हो गये हैं. आईसीयू में भी डॉक्टर नहीं हैं, सिविल सर्जन ने बीते दिनों नया वार्ड एचडीयू का उद्घाटन भी कर दिया है. इसका संचालन कब तक होगा यह देखने वाली बात होगी. हां यह बात जरूर है कि डॉक्टर और कर्मचारियों की पूरी टीम का पूरा फोकस आयुष्मान का पैसा लेने पर जाकर ठहर गया है.

यह भी पढ़ें : जमशेदपुर सदर अस्पताल : एक ही अस्पताल में दो-दो उपाधीक्षक, कंप्यूटर सहायक बना हॉस्पिटल मैनेजर !

  • Author
  • Recent Posts
Ocean News Desk
Ocean News Desk
Content Editor at oceanpost
Ocean Post का आधिकारिक News Desk, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और सबसे तेज़ ख़बरें पहुंचाने के लिए समर्पित है. हमारी अनुभवी एडिटोरियल टीम 24 घंटे देश-दुनिया, राजनीति, मनोरंजन, खेल और समसामयिक मुद्दों पर पैनी नज़र रखती है. हमारा प्रयास है कि पाठकों को भरोसेमंद और उच्च गुणवत्ता वाली जानकारी दी जा सके.
Ocean News Desk
Latest posts by Ocean News Desk (see all)
  • मद्रास हाईकोर्ट ने थलपति विजय को दिया झटका, करूर भगदड़ पीड़ितों को नौकरी देने का आदेश रद्द, सियासत गर्म - July 27, 2026
  • दल-बदल कानून की आड़ में खेल खत्म? सुप्रीम कोर्ट में कपिल सिब्बल की चुनौती, केंद्र को नोटिस जारी! - July 27, 2026
  • अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी : सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख, गठित हुई नई SIT, टीम में CA और फॉरेंसिक ऑडिटर भी शामिल - July 27, 2026
Civil Surgeon Jamshedpur Sadar Hospital's Jamshedpur Sadar Hospital's system has collapsed; patients are desperate for medicines patients are desperate for medicines transfers and tenders! while the Civil Surgeon is preoccupied with transfers and tenders!
Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
Previous Articleराष्ट्रपति से मिली जमशेदपुर की बेटी ‘संजना’, रोमानिया में संताली भाषा में शेक्सपियर नाटकों से लहराया भारत की संस्कृति का परचम
Next Article Chhattisgarh : शराब की ओवररेटिंग के मामले में 4 आबकारी अधिकारी सस्पेंड, 8 से मांगा गया स्पष्टीकरण
Ocean News Desk
  • Website

Ocean Post का आधिकारिक News Desk, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और सबसे तेज़ ख़बरें पहुंचाने के लिए समर्पित है. हमारी अनुभवी एडिटोरियल टीम 24 घंटे देश-दुनिया, राजनीति, मनोरंजन, खेल और समसामयिक मुद्दों पर पैनी नज़र रखती है. हमारा प्रयास है कि पाठकों को भरोसेमंद और उच्च गुणवत्ता वाली जानकारी दी जा सके.

Related Posts

ओसियन स्पेशल

प्रदर्शनकारियों पर FIR वापसी पर सस्पेंस, कानूनी प्रक्रिया, जन-जवाबदेही और अधिकारों के बीच फंसा मामला

July 26, 2026
झारखंड

सरायकेला : आदित्यपुर मेडिट्रीना अस्पताल के ICU में लगी आग, सुरक्षा व्यवस्था फिर सवाल में!

July 24, 2026
ओसियन स्पेशल

बचपन पर मंडराता डिजिटल संकट, माता-पिता की जगह मोबाइल ले रहा, यह बहुत बड़ी आपदा है : सुप्रीम कोर्ट

July 24, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

अभी-अभी

आदित्यपुर सहारा में जल ‘क्रांति’, सिंडिकेट में ‘सन्नाटा’, एक साथ लड़ी लड़ाई, फिर क्यों पिछड़े सिंडिकेट के बाशिंदे ?

July 27, 2026

मद्रास हाईकोर्ट ने थलपति विजय को दिया झटका, करूर भगदड़ पीड़ितों को नौकरी देने का आदेश रद्द, सियासत गर्म

July 27, 2026

दल-बदल कानून की आड़ में खेल खत्म? सुप्रीम कोर्ट में कपिल सिब्बल की चुनौती, केंद्र को नोटिस जारी!

July 27, 2026

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी : सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख, गठित हुई नई SIT, टीम में CA और फॉरेंसिक ऑडिटर भी शामिल

July 27, 2026

5 अगस्त को NCLAT में केबुल कंपनी पर अहम फैसले की उम्मीद, RP के पत्र ने बढ़ाया संशय और तापमान, आर-पार के मूड में मजदूर

July 26, 2026
Advertisement
Ocean Post
Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
  • About Us
  • Advertise With Us
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Contact
© 2026 Ocean Post. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

Join OceanPost