इस बीच टीवी जर्नलिस्ट अमन चोपड़ा ने एक वीडियो जारी कर झारखंड पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. अमन चोपड़ा का कहना है कि छात्रों के आंदोलन की कवरेज करने के कारण पुलिस ने उन्हें कुछ समय के लिए हिरासत में लिया, लगभग 2 घंटे तक पूछताछ की और फिर उनके खिलाफ FIR दर्ज कर दी.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक वीडियो संदेश में अमन चोपड़ा ने दावा किया कि झारखंड विधानसभा घेराव और छात्रों के मार्च को कवर कर रहे कई अन्य पत्रकारों को भी पुलिस ने रोका, हिरासत में लिया और उनसे पूछताछ की.
- हिरासत और पूछताछ: 10 अगस्त 2026 को रांची में छात्र प्रदर्शन की कवरेज कर रहे न्यूज18 इंडिया के पत्रकार अमन चोपड़ा को पुलिस ने होटल से उठाया.
- एफआईआर: लगभग दो घंटे तक पूछताछ करने के बाद उन्हें एफआईआर की कॉपी दी गई, जिसका कारण अस्पताल में एक छात्र प्रदर्शनकारी से मिलना बताया गया है.
- छात्र प्रदर्शन: रांची में छात्र जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं को लेकर सड़क पर उतरे हैं और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
- पत्रकार का आरोप: अमन चोपड़ा ने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन सरकार सच को दबाने और पत्रकारों को डराने के लिए यह कार्रवाई कर रही है. विपक्षी दलों ने इस कार्रवाई की निंदा की है और इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया है.


