नई दिल्ली. देशभर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर जारी चर्चाओं के बीच केंद्र सरकार ने आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने की तैयारी कर ली है.
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक मीडिया को दी रिपोर्ट के अनुसार में बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि सरकार देश में E85 पेट्रोल (85% एथेनॉल मिश्रित ईंधन) को बड़े पैमाने पर उतारने जा रही है.
इस नए ईंधन की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसकी कीमत मौजूदा E20 पेट्रोल के मुकाबले ₹20 प्रति लीटर तक कम हो सकती है, जिससे यह आम जनता को करीब 80-85 रुपये प्रति लीटर के आसपास मिल सकेगा.
विदेशी मुद्रा भंडार और पर्यावरण को डबल फायदा
सरकार की एथेनॉल ब्लेंडिंग (Ethanol Blending) नीति केवल जेब के लिए ही नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और पर्यावरण के लिए भी गेम-चेंजर साबित हो रही है। केंद्रीय मंत्री ने इसके प्रभाव को आंकड़ों के साथ साझा किया:
आयात बिल में ऐतिहासिक कमी: पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने की वजह से भारत को अब तक 309.98 लाख मीट्रिक टन कच्चा तेल बाहर से कम मंगाना पड़ा है.
1.9 लाख करोड़ रुपये की महा-बचत: कच्चे तेल के आयात में आई इस कमी से देश के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) को 1.9 लाख करोड़ रुपये का सीधा फायदा हुआ है। सरकार ने साफ किया है कि इस बचत का एक बड़ा हिस्सा सीधे देश के किसानों को भुगतान के रूप में गया है.
प्रदूषण पर करारा प्रहार: इस नीति के चलते वातावरण में 931.502 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_2$) का उत्सर्जन कम हुआ है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बहुत बड़ी उपलब्धि है.
इंजन खराब होने की अफवाहों पर लगा पूर्णविराम
पिछले कुछ समय से वाहन चालकों के बीच एथेनॉल मिश्रित ईंधन से इंजन खराब होने और माइलेज घटने की शिकायतें सोशल मीडिया पर तैर रही थीं. इन आशंकाओं को पूरी तरह खारिज करते हुए पेट्रोलियम मंत्री ने मारुति-सुजूकी का आधिकारिक डेटा सामने रखा.
उन्होंने बताया कि सुजूकी ने अब तक लगभग 1.5 करोड़ वाहनों की सर्विसिंग की है, लेकिन एक भी गाड़ी में एथेनॉल के कारण इंजन डैमेज होने का मामला सामने नहीं आया है. बीमा कंपनियों के साथ चल रहा इंश्योरेंस कवर का विवाद भी अब पूरी तरह सुलझा लिया गया है.
“एथेनॉल से गाड़ी के इंजन को कोई नुकसान नहीं पहुंचता. इससे आपको बेहतर एक्सेलरेशन और हाई ऑक्टेन काउंट मिलता है. भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए हमें पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों को अपनाना ही होगा.”
— हरदीप सिंह पुरी, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री
E85 के लिए क्या करना होगा?
हालांकि, आम वाहन चालकों को यह ध्यान रखना होगा कि E85 पेट्रोल का लाभ उठाने के लिए गाड़ियों में फ्लेक्स-फ्यूल कंपैटिबल (Flex-Fuel Compatible) इंजन का होना अनिवार्य है. ऑटोमोबाइल कंपनियां अब ऐसे नए इंजनों वाली गाड़ियों के निर्माण पर काम कर रही हैं.
भले ही इस पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर को जमीन पर उतरने में थोड़ा समय लगेगा, लेकिन सरकार के इस कदम ने साफ कर दिया है कि भारत का भविष्य बेहद किफायती और हरित ईंधन की ओर बढ़ चुका है.
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