बक्सर. सरकारी तंत्र और ईमानदारी की परतों को उधेड़ते हुए भ्रष्टाचार का एक नया ‘पार्सल’ खुला है. दिल्ली से पहुंची सीबीआई की केंद्रीय टीम ने मंगलवार को बक्सर के डाक अधीक्षक कुमारी सरिता समेत तीन वरिष्ठ डाक अधिकारियों व कर्मचारियों को वित्तीय अनियमितताओं और रिश्वतखोरी के आरोपों में हिरासत में ले लिया. इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद से पूरे बक्सर डाक विभाग और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है.
सर्किट हाउस में 12 बजे से मैराथन पूछताछ
सीबीआई की विशेष टीम मंगलवार दोपहर को ही बक्सर पहुंची और सीधे डाक अधीक्षक कुमारी सरिता व अन्य दो कर्मचारियों को अपनी कस्टडी में लेकर जिला सर्किट हाउस ले गई. दोपहर 12 बजे से शुरू हुआ पूछताछ का यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा. सीबीआई के अधिकारी लगातार उनसे वित्तीय लेनदेन, कमिशन खोरी और भ्रष्टाचार से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर गहन पूछताछ कर रहे हैं.
अचानक कार्रवाई से अफरा-तफरी का माहौल
सीबीआई की इस धमक से डाक विभाग के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हड़कंप और अफरा-तफरी की स्थिति बनी हुई है. सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई को बक्सर मुख्य डाकघर में लंबे समय से वित्तीय लेन-देन में भारी गड़बड़ी, रिश्वत लेने और नियमों को ताक पर रखकर काम करने की शिकायतें मिल रही थीं.
दस्तावेज खंगाले, कई फाइलों की जांच जारी
कस्टडी में लेने के बाद सीबीआई की टीम ने बक्सर स्थित प्रधान डाकघर में छापेमारी कर वहां मौजूद विभिन्न महत्वपूर्ण दस्तावेजों और फाइलों की बारीकी से जांच की. कई वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड्स को खंगाला जा रहा है ताकि भ्रष्टाचार के इस पूरे नेटवर्क की गहराई तक पहुंचा जा सके. फिलहाल सीबीआई की टीम तीनों आरोपियों को हिरासत में रखकर आगे की कानूनी कार्रवाई और कागजी प्रक्रिया पूरी करने में जुटी है.


