पटना. नीट-यूजी पेपर लीक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और छात्र आंदोलन के दौरान हुए पुलिसिया लाठीचार्ज के विरोध में छात्र संगठनों द्वारा बुलाए गए बिहार बंद का असर पूरे राज्य में व्यापक रूप से देखने को मिल रहा है. सुबह से ही राज्यभर में छात्र सड़कों पर उतर आए, जिसके चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ और कई जगहों पर प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया.
विभिन्न जिलों में हिंसक झड़पें और उपद्रव
बिहार बंद के दौरान कई जिलों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़पें हुईं. सिवान में हालात सबसे ज्यादा तनावपूर्ण रहे, जहां प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई नोकझोंक के बाद जमकर पथराव हुआ. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा, कई राउंड आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और भीड़ को खदेड़ने के लिए 10 राउंड हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी. इस हिंसक झड़प में सिवान के पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा के घायल होने की खबर है.
इसी तरह सीतामढ़ी में भी अंबेडकर कल्याण छात्रावास से निकला आक्रोश मार्च हिंसक हो गया. उपद्रवियों ने एक बाइक में आग लगा दी और पुलिस पर पथराव किया, जिसमें सीतामढ़ी एसपी अमित रंजन समेत कुल 13 पुलिसकर्मी घायल हो गए. इसके अलावा सारण (छपरा) में प्रदर्शन के दौरान हुए पथराव में सदर बीडीओ दृष्टि पांडेय घायल हो गईं, जबकि पश्चिमी चंपारण के बेतिया में भी पुलिस पर पथराव के बाद सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज कर लगभग एक दर्जन लोगों को हिरासत में लिया.
रेल यातायात बाधित और मिलाजुला असर
सड़कों के साथ-साथ रेल यातायात पर भी बंद का असर दिखा. आरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-दो पर आक्रोशित छात्र संगठनों ने पटना-बक्सर पैसेंजर ट्रेन को रोककर रेलवे ट्रैक पर जोरदार प्रदर्शन किया, जिन्हें बाद में समझा-बुझाकर शांत कराया गया. वहीं, नालंदा और कुछ अन्य जिलों में बंद का मिलाजुला असर देखा गया, जहां बाजार तो खुले रहे लेकिन एहतियात के तौर पर शैक्षणिक संस्थान बंद रखे गए.
विपक्ष और छात्र संगठनों के इस उग्र प्रदर्शन ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है. सुरक्षा के मद्देनजर संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और पुलिस प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है.



