- फ़र्ज़ी अधिकारियों का भंडाफोड़ और तीन शातिर गिरफ्तार
पटना. बिहार के बांका जिले में फर्जी आयकर (Income Tax) और वाणिज्य कर (GST) अधिकारी बनकर एक राइस मिल संचालक से 40.50 लाख रुपये लूटने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. देवघर (झारखंड) की जसीडीह थाना पुलिस ने बांका पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कैलाश पहाड़ी गांव निवासी घनश्याम यादव तथा तरैया गांव निवासी संजय सिंह और विशाल सिंह के रूप में हुई है.
वारदात में प्रयुक्त स्कॉर्पियो बरामद, नकदी की तलाश जारी
पुलिस ने मुख्य आरोपी संजय सिंह के घर से वारदात में इस्तेमाल की गई सफेद रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी बरामद कर ली है. हालांकि, लूटी गई 40.50 लाख रुपये की नकदी अभी तक बरामद नहीं हो सकी है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नकदी की बरामदगी और गिरोह के अन्य फरार सदस्यों को पकड़ने के लिए अंतरराज्यीय सीमा पर लगातार छापेमारी की जा रही है.
वंदे भारत एक्सप्रेस पकड़ने जा रहे थे व्यापारी
यह घटना 8 अगस्त की सुबह की है. बांका जिले के चांदन प्रखंड अंतर्गत दर्दमारा बॉर्डर स्थित ‘श्याम राइस मिल’ के संचालक श्याम सर्राफ (उर्फ विक्की) अपने एक परिचित के साथ बाइक पर सवार होकर जसीडीह रेलवे स्टेशन जा रहे थे. उनके पास बैग में 40.50 लाख रुपये रखे थे और उन्हें जसीडीह से कोलकाता जाने के लिए ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ ट्रेन पकड़नी थी.
रास्ते में घेराबंदी, मारपीट और जंगल में फेंका
जैसे ही व्यापारी दर्दमारा बॉर्डर पार कर आगे बढ़े, पीछे से आई एक स्कॉर्पियो ने उनकी बाइक को ओवरटेक कर रोक लिया. गाड़ी से उतरे बदमाशों ने खुद को आयकर और जीएसटी विभाग का बड़ा अफसर बताया और रुपयों की जांच के नाम पर व्यापारी को जबरन स्कॉर्पियो में बिठा लिया, जबकि उनके साथी को डरा-धमकाकर भगा दिया. बदमाश व्यापारी को टाभाघाट गांव के पास सुनसान जगह पर ले गए, जहाँ उनके साथ जमकर मारपीट की गई और 40.50 लाख रुपये से भरा बैग छीन लिया गया. इसके बाद बेखौफ अपराधी व्यापारी को जमुई जिले के चंद्रमंडीह थाना क्षेत्र स्थित चिहराढाड़ी के घने जंगलों में फेंककर फरार हो गए.
CCTV और मोबाइल लोकेशन से मिली सफलता
होश में आने पर पीड़ित व्यापारी ने डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद चंद्रमंडीह पुलिस ने उन्हें जंगल से सुरक्षित निकाला. पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और मोबाइल लोकेशन (तकनीकी अनुसंधान) के विश्लेषण के आधार पर आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल जसीडीह पुलिस तीनों आरोपियों को देवघर ले जाकर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है.


