उत्तराखंड. चमोली जिले से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है। बदरीनाथ धाम से तीर्थयात्रियों को लेकर देहरादून के सहस्रधारा हेलीपैड आ रहा एक चार्टर्ड हेलीकॉप्टर जोशीमठ के निकट पांडुकेश्वर में भेड़ गदेरे की पहाड़ी के पास दर्दनाक हादसे का शिकार हो गया। इस भीषण दुर्घटना में हेलीकॉप्टर में सवार पायलट समेत सभी 6 लोगों की असमय मौत हो गई है। इस हृदयविदारक घटना से पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई है।
आपदा प्रबंधन अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मेसर्स ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का यह हेलीकॉप्टर शुक्रवार दोपहर करीब 1:12 बजे बदरीनाथ से उड़ा था और कुछ ही देर बाद लापता हो गया था। खराब मौसम के बीच हुए इस हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और सेना की टीमें तुरंत हरकत में आईं और घटनास्थल पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। घटनास्थल सड़क मार्ग से लगभग सात किलोमीटर पैदल रास्ते पर स्थित दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में है, जहां सेना के जवानों ने बचाव कार्य की कमान संभाली और शवों को बाहर निकाला।
इस भीषण हादसे में जान गंवाने वालों में दिल्ली निवासी पायलट कैप्टन हिमांशु सभरवाल (48) के अलावा कर्नाटक से आए पांच तीर्थयात्री—प्रतापा (41), अरुण सालुंके (44), वीबी. शंकर गौड़ा (39), सुधीर के. (50) और एसएस नटराजा शामिल हैं। मृतकों में कर्नाटक पुलिस के सब-इंस्पेक्टर अरुण सालुंके भी बताए जा रहे हैं, जो अपने परिवार या साथियों के साथ दर्शन के लिए आए थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि वे पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और जिला प्रशासन तथा राहत दलों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इस মর্মান্তिक दुर्घटना के बाद एहतियात के तौर पर संबंधित एविएशन कंपनी के सभी हेलीकॉप्टरों की उड़ानों पर रोक लगा दी गई है। इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में खराब मौसम और हवाई यात्रा की जोखिम भरी सच्चाइयों को सामने ला दिया है, जिससे पीड़ित परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।


